तालग्राम। मवैइया तिर्वा मार्ग पर बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दोस्त बाल बाल बच गया। बाइक चालक हेलमेट लगाए था। इकलौते चिराग के बुझने से परिवार की दीपावली अंधेरे में और खुशियां मातम में बदल गईं। शव घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तालग्राम कस्बा मोहल्ला टीला निवासी वीरेंद्र राठौर किसान हैं। उनका इकलौता बेटा विकास (25) दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। धनतेरस पर वह दिल्ली से घर आया था। गुरुवार को दोस्त राजकुमार (25) के साथ मामा के घुखरू गांव से बाइक से लौटते समय कोतवाली तिर्वा के सुजानसराय छौछापुर गांव मोड़ के पास सामने से आ रही बाइक से टक्कर हो गई। हादसे में विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। दोस्त ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे मेडिकल कॉलेज तिर्वा भर्ती कराया। शाम को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही मां और पांच बहनों का दीपावली पर्व पर रो-रोकर हाल बेहाल था। शुक्रवार को कोतवाली तिर्वा पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया है।
मां-बाप की दुनिया उजड़ी
इकलौते बेटे की मौत से पिता वीरेंद्र और मां सीमा पूरी तरह टूट चुकी हैं। उनका कहना है कि बेटे के गम के आगे अब कुछ याद नहीं है। एक बेटी स्वाति की शादी हो गई है। अब चार बेटियों की शादी का भार उनके कंधों पर है।
भैया दूज पर अब किसके करेंगे रोली टीका
इकलौते भाई की मौत से बहनें बेसुध हैं। सुन्ना, काजल, पेयजल, बिट्टी सिसकियों के बीच केवल इतना ही कह रही हैं कि भैया दूज पर किस भाई के माथे पर रोली टीका लगाएंगी। भगवान यह तूने क्या किया। मेरा भाई छीन लिया और फिर रोने लगती हैं। पास पड़ोसी, रिश्तेदार बेटियों को सांत्वना देकर चुप करते हैं।