थोक मंडी पर नोटबंदी की मार पड़ी है। मौजूदा समय में कैश का विकल्प न होने से थोक बाजार टूट गया है। 70 फीसदी कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है। प्लास्टिक मनी और पेटीएम की जानकारी न होने कैश पर ही किसी तरह बाजार चल रहा है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी आठ माह तक बाजार सुलझता नजर नहीं आ रहा है। बाजार के हालात बयां करती रिपोर्ट-
बैंक से स्वाइप मशीन के लिए कर ली बात
स्वाइप मशीन के लिए बैंक से बात कर ली है। लेकिन दुकान में आने वाले ग्राहक छोटे दुकानदार होते हैं। उन्हें स्वाइप कार्ड के लिए तैयार करना मुश्किल है। फिलहाल पूरा धंधा कैश पर चल रहा है।
- अक्षय मिश्रा (किराना थोक व्यापारी)
ठहर गई दुकानदारी
नोटबंदी से थोक का बाजार 70 फीसदी गिरा है। आठ नवंबर के बाद से दुकानदारी ठहर सी हो गई है। प्लास्टिक मनी से लेनदेन के लिए वह तैयार हैं लेकिन ग्राहकों के पास अभी सुविधा नहीं है। जिसके चलते उन्होंने भी नहीं लिया है। वह सरकार की रणनीति के हिसाब से काम करेंगे। अभी कैश में लेनदेन हो रहा है।
- मोहम्मद हारुन (थोक किराना व्यापारी)
एक महीने माल नहीं हुआ खत्म
दुकान की हालत किसी से छिपी नहीं है। एक माह पहले भराया गया माल अभी तक खत्म नहीं हो पाया है। इसके पहले हर चौथे दिन सामान मंगाना पड़ता था। वह पेटीएम के जरिये कैश लेने के लिए तैयार है लेकिन ग्राहकों के पास सुविधा नहीं है। जिससे मजबूरी में कैश लेना पड़ता है। - राधेश्याम (प्लास्टिक डिस्पोजल व्यापारी)