जिले की राजनीति में भी एक बार फिर वंशवाद की जय
होगी। अब जरिया बना है ब्लाक प्रमुख का चुनाव। इसके माध्यम से सियासी
गलियारों में सत्ता समाजवादी पार्टी के छिबरामऊ और कन्नौज विधायक का कुनबा
बढ़ गया है। दोनों के ही परिवार में एक-एक महिला सदस्य ने राजनीति के
अखाडे़ में एंट्री की है।
बीते कई दिनों तक सक्रिय रहने के बाद
निर्विरोध जीत तय कराकर विधायकों ने अपनी ताकत का अहसास भी करा दिया है।
छिबरामऊ के पूर्व विधायक और सपा के जिलाध्यक्ष रहे कप्तान सिंह यादव के
मझले बेटे अरविंद सिंह यादव पहले से ही छिबरामऊ के विधायक हैं। उनके बड़े
बेटे शैलेंद्र सिंह यादव हाल ही में जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीते
हैं।
अब छिबरामऊ विधायक अरविंद सिंह के छोटे भाई राजा गजेंद्र सिंह उर्फ
सोनू यादव की पत्नी संध्या यादव का विकास खंड तालग्राम का निर्विरोध ब्लाक
प्रमुख बनना तय है। संध्या यादव ने कुछ महीनों पहले ही राजनीति में कदम रखा
है। उनके पिता दिगंबर सिंह यादव भी हसेरन के सपा ब्लाक प्रमुख रह चुके
हैं।
इस तरह नई पीढ़ी में अब छिबरामऊ विधायक के परिवार से महिला ब्लाक
प्रमुख बनकर संध्या यादव भी सियासी कुर्सी पर बैठेंगी। वहीं कांग्रेस सरकार
में कई बार विधायक व स्वास्थ्य राज्य मंत्री रहे जलालाबाद के गांव
टिकैयापुरवा निवासी बिहारीलाल दोहरे के पुत्र अनिल दोहरे इस समय सपा से सदर
विधायक हैं।
विधायक की पत्नी इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
इस बार बीमारी व अन्य कारणों के चलते उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। अब विधायक
के छोटे भाई अरविंद दोहरे की पत्नी रूपा दोहरे गुगरापुर की ब्लाक प्रमुख
बनेंगी। गुगरापुर में उन्होंने सपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा।
अन्य
किसी दावेदार द्वारा नामांकन न करने के कारण रूपा दोहरे का निर्विरोध ब्लाक
प्रमुख बनने का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को नामांकन के दौरान
विधायकों ने भी मोर्चा संभाला। अरविंद सिंह जहां तालग्राम ब्लाक के बाहर
पूरे समय डटे रहे, वहीं सपा विधायक अनिल दोहरे गुगरापुर ब्लाक के बाहर डेरा
जमाए रहे।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता दोहरे भी देवरानी की जीत
पक्की कराने को दल-बल के साथ सक्रिय रहीं। जीत सुनिश्चित होने के बाद इन
जनप्रतिनिधियों के चेहरों के हावभाव खुशी के साथ ही बढ़ी ताकत का भी अहसास
कराते रहे।