कन्नौज। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे शक्ति दीदी अभियान के बीच उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामले में एसपी दफ्तर पहुंची युवती ने इंसाफ न मिलने की बात कहते हुए परिसर में ही पेड़ पर दुपट्टा डालकर फंदा लगाने का प्रयास किया। पूरा वाक्या 10 अक्तूबर का बताया जा रहा है। एएसपी व अन्य पुलिस कर्मियों ने समझाकर युवती को शांत किया। इस पूरे प्रकरण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के जलालपुर चौकी क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने रतनेश चतुर्वेदी, उसके पुत्र राज, शांतनु व मीरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि दो अक्तूबर को वह कानपुर से दवा लेकर लौटी, तभी पुरानी बातों को लेकर आरोपियों ने जाति सूचक गालियां देते हुए उसके साथ मारपीट की थी। बचाने आए माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। उसने मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाकर शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने सिर्फ मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की।
उसने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए 10 अक्तूबर को एसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। न्याय मिलता न देख पीड़िता ने कार्यालय से बाहर निकलकर परिसर में खड़े पेड़ पर दुपट्टा डालकर फंदा लगाने की कोशिश की। युवती को पेड़ पर दुपट्टा डालता देख सनसनी फैल गई। एएसपी डॉ. अरविंद कुमार ने महिला सिपाहियों की मदद से युवती को रोका और समझा कर शांत कराया। न्याय का भरोसा मिलने के बाद युवती घर लौट गई।
युवती का आरोप: पुलिस ने जबरदस्ती लिखवाई दूसरी तहरीर
पीड़ित युवती ने सदर कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि उसने पुलिस को तहरीर दी थी, उसमें लिखा था कि पड़ोसियों ने घर में सामने मारपीट की थी। बचने के लिए वह घर में घुस गई। सभी लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की और उसके साथ छेड़छाड़ कर कपड़े फाड़ दिए। बचाने आई मां के साथ भी छेड़छाड़ की। आरोप लगाया है कि पुलिस ने जबरदस्ती तहरीर बदलवाकर छेड़छाड़ की बात हटवा दी।
नौ अक्तूबर को युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। 10 अक्तूबर को युवती कार्यालय आई थी। कार्यालय से बाहर जाकर युवती ने यह सब किया। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने युवती को समझाकर घर भेज दिया था। मामले की जांच कराई जाएगी जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अमित कुमार आनंद, एसपी।