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Kannauj News: शारदीय नवरात्र में शुभ संयोग, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी

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कन्नौज। शारदीय नवरात्र में बुधादित्य योग, शश योग और भद्रयोग बन रहे हैं। माता रानी इस बार हाथी पर सवार होकर आएंगी। नवरात्र में तीन शुभ संयोग बनने से भक्ताें को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। वहीं माता का गमन मुर्गे पर होगा, जो रोग की वृद्धि का सूचक है।
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चित्रा नक्षत्र में घट स्थापना करने से जीवन की बाधाएं दूर होंगी। कलश स्थापना के साथ श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत और पूजा-अर्चना से माता रानी को प्रसन्न करेंगे। नैपालपुर निवासी पंडित अवधेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि 15 अक्तूबर को अश्विन मास प्रतिपदा तिथि का मान संपूर्ण दिन और रात 11:52 बजे तक है। चित्रा नक्षत्र 6:43 बजे तक, वैधृति योग भी दिन में 11:55 बजे तक है।
कलश स्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त सर्वोत्तम रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त सुबह 11:38 से 12:23 बजे तक है। इसके अलावा सुबह 6:16 से शाम 5:44 बजे के बीच कभी भी किया जा सकता है। शुभ योग में माता की उपासना करने से उत्तम फल की प्राप्ति होगी। बुधादित्य योग बनने से जातक का मान-सम्मान, यश, कीर्ति प्रतिष्ठा और व्यापार में बढ़ोतरी होगी।
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30 साल बाद अपनी राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे शनिदेव
तालग्राम। पंडित अवधेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि घर के ईशान कोण में देवताओं का वास होता है। नवरात्र में शुभ मुहूर्त में ईशान कोण में घट की स्थापना कर देशी घी का अखंड दीपक और अग्नि कोण में भैरव जी का तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस बार नवरात्र में 30 साल बाद शनिदेव अपनी राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे। नवरात्र में माता की उपासना करने से शनि की साढ़े साती और ढैया के दुष्प्रभाव से मुक्ति मिलेगी। इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिससे इस वर्ष वर्षा का योग अधिक रहेगा और देश में अन्न के भंडार बढ़ने के संकेत है। माता का विधि-विधान से पूजन करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। 22 अक्तूबर को दुर्गाष्टमी और 24 अक्तूबर को विजय दशमी का त्योहार मनाया जाएगा।



इनसेट-
शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों में होने लगीं तैयारी
शहर के फूलमती मंदिर में रंगरोगन का काम पूर्ण हो गया है और झालरों से मंदिर को सजाने का काम चल रहा है, जो अंतिम चरण में है। वहीं, संमार्ग पंडाल में कानपुर से आए कारीगर माता रानी का श्रृंगार करने में लगे हैं। पंडाल में माता रानी के सभी स्वरूपों को स्थापित किया जाएगा।
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शारदीय नवरात्र का कार्यक्रम



15 अक्तूबर: मां शैलपुत्री पूजन व घट स्थापना

16 अक्तूबर: मां ब्रह्मचारिणी पूजन

17 अक्तूबर: मां चंद्रघंटा पूजन
18 अक्तूबर: मां कुष्मांडा पूजन

19 अक्तूबर: मां स्कंदमाता पूजन
20 अक्तूबर: मां कात्यायनी पूजन

21 अक्तूबर: मां कालरात्रि पूजन
22 अक्तूबर: मां महागौरी पूजन

23 अक्तूबर: मां सिद्धिदात्री पूजन
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