कन्नौज। पिछले छह साल से चोक सीवर लाइन को खोलने के लिए गाजियाबाद नगर निगम से स्पेशल सक्शन मशीन को बुलाया गया है। टीम ने रविवार को मोहल्ला शेखाना से सीवर लाइन को खोलने का काम शुरू कर दिया है। टीम के अधिकारियों का कहना है कि सीवर लाइन में ऊपर तक सिल्ट है और 500 मीटर सीवर लाइन को खोलने में तीन दिन का वक्त लगेगा। इसकी सफाई के बाद शेखाना नाले का पानी डायवर्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद सदिकापुर व दरियापुर पट्टी गांव में जलभराव नहीं होगा।
जलनिगम के अधिशासी अभियंता मोहित चक व अवर अभियंता सौरभ शुक्ला गाजियाबाद से आई टीम को लेकर मोहल्ला शेखाना पहुंचे। वहां उन्होंने चोक सीवर लाइन देखी। कई मैनहोल के ढक्कन को खोलकर देखा गया तो उसमें ऊपर तक सिल्ट व ईंट-पत्थर भरे थे। टीम ने चोक सीवर लाइन का एक किलोमीटर तक मुआयना किया। सफाई के बाद पानी क्रास होने लगेगा और शेखाना नाले का पानी भी डायवर्ट होकर सीवर लाइन में जाने लगेगा।
जलनिगम के अफसरों ने भी टीम को बताया कि पहले ऐसी व्यवस्था की जाए कि नाले का पानी गांव तक न पहुंचे। विदित हो कि जलनिगम की ओर से चोक सीवर लाइन का सर्वे कर साठ लाख का बजट मांगा गया था, लेकिन जलनिगम के एमडी डॉ. राजशेखर ने बजट देने से इन्कार कर दिया था। जलनिगम के जेई सौरभ शुक्ला ने बताया कि गाजियाबाद की टीम ने काम शुरू कर दिया है। सफाई होते ही शेखाना नाले के पानी को उसमें डायवर्ट कर दिया जाएगा।
अमर उजाला का अभियान रंग लाने लगा
शहर में चोक सीवर लाइन और उसके कारण सदिकापुर व दरियापुर पट्टी गांव में जलभराव का मुद्दा सबसे पहले अमर उजाला ने उठाया था। इस अभियान में प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री एवं सदर विधायक असीम अरुण भी शामिल हुए और उन्होंने गांव जाकर लोगों को समस्या का निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद जलनिगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर को जांच सौंपी तो पता चला कि सीवर लाइन के लिए 89 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ था। इसमें 86 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं। सीवर लाइन से 22 हजार घरों को जोड़ने की योजना थी, जिसके सापेक्ष छह हजार घरों को ही जोड़ा गया। इसमें शेखाना नाला व अड़ंगापुर नाला को भी नहीं जोड़ा गया। मंत्री ने जब एफआईआर की चेतावनी दी, तब जलनिगम के अधिकाारियों ने गाजियाबाद से मशीन मंगाई और सीवर लाइन खोलने के लिए 15 दिन का समय मांगा है।