कन्नौज। तहसील सदर का एक कार्यालय ऐसा है जहां फरियादियों के बैठने के लिए न तो कुर्सियां हैं और न ही बेंच। जमीन पर बैठकर या खड़े होकर वह अपनी समस्या रखने के लिए मजबूर होते हैं। बात हो रही है सर्वेक्षण कार्यालय की। यही नहीं यहां बैठने वाले अधिकारी व लेखपाल की कुर्सियां भी कब टूट जाएंगी, भरोसा नहीं।
चकबंदी के लिए तहसील क्षेत्र के 26 गांव की कृषि जमीनों का सर्वे इन दिनों चल रहा है। रोजाना बड़ी संख्या में तहसील परिसर में बने सर्वेक्षण कार्यालय में नायब तहसीलदार, लेखपाल व किसानों का आना-जाना हो रहा है। पड़ताल करने पर हैरान करने वाले नजारे सामने आए। भवन जर्जर है। जहां ज्यादा लोग जुटते हैं वहां पंखों का इंतजाम नहीं, सरकारी कर्मचारियों को बैठने के लिए मिली कुर्सियां भी कब टूट जाएंगी भरोसा नहीं। किसानों को जमीन पर बैठकर अधिकारियों से फरियाद करना पड़ता है। लापरवाही भी ऐसी है कि एक कमरा जिसे रिकार्ड रूम बनाया गया है, वहां गैराज की तरह बाइक खड़ी है। यहां एक क्षतिग्रस्त बेंच व एक कुर्सी है लेकिन यहां जाने की इजाजत गिने-चुने को ही मिलती है। लिहाजा कई लेखपाल कार्यालय में बैठने से गुरेज करते हैं और किसानों को भटकना पड़ता है।
एसडीएम सदर गौरव कुमार शुक्ला ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। जल्द वह कार्यालय का निरीक्षण करेंगे। फर्नीचर से लेकर अन्य बदहाल व्यवस्थाओं को ठीक कराया जाएगा।
इन गांव में चल रहा सर्वे
क्षेत्र के बलिदादपुर, जलालपुर अमरा, ताजपुर नौकाश्त, मिश्रीपुर, बारामऊ कछोहा, रामपुर लड़ैता, गदनपुर वड्डू, कटरी अमीनाबाद, कन्नौज बांगर, कंदरौली बांगर, महाबलीपुर, पैंदाबाद, उदैतापुर, अजमतपुर, कटरी मेंहदीपुर, चौधरियापुर, बिलिंदापुर नालाहार, सढ़ियापुर बांगर, चांदापुर, कटरी चांदापुर, अब्दुलपुर मजियारा और सराय शाह मोहम्मद गांव में सर्वे का काम चल रहा है।
तीन माह से इंतखाब के लिए काट रहे चक्कर
सदर तहसील के गांव पैंदाबाद में रहने वाले किसान विक्रम ने बताया कि वह इंतखाब के लिए तीन माह से चक्कर काट रहे हैं। सर्वे कार्यालय में तैनात लेखपाल के न मिलने से वह हर बार लौट जाते हैं। करीब 15 किलोमीटर दूर गांव से आने में काफी समय बर्बाद हो जाता है। यहां कार्यालय में बैठने को कुर्सी नहीं मिली।
वरासत दर्ज कराने के लिए एक साल से परेशान
क्षेत्र के गांव सिंहपुर कनौली निवासी किसान सिपाही लाल ने बताया कि वरासत दर्ज कराने के लिए सर्वे कार्यालय का एक साल से चक्कर काट रहे हैं। सभी कागज जमा करने के बाद भी सर्वे नहीं हो पाया। यहां दफ्तर में भी दूर से आने के बाद या तो जमीन पर बैठो या फिर खड़े रहो।