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Kannauj News: गंगा और काली नदी हुईं एक, कुसुमखोर-हरदोई मार्ग पर आवागमन बंद

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गुगरापुर (कन्नौज)। जिले में गंगा, काली और पांडु नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को गंगा के उफान से कुसुमखोर-हरदोई संपर्क मार्ग प्रभावित हुआ है। हरदोई सीमा में श्रीमऊ से सांडी और देवकली मार्ग पर सड़कों के ऊपर से पानी बह रहा है। इस कारण इस रूट पर आवागमन ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने महादेवी घाट या पांचाल घाट होकर हरदोई जाने की सलाह दी है।
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महादेवी घाट पर गंगा और काली नदी मिलकर एक हो गई है। गंगा अब खतरे के निशान से महज 30 सेंटीमीटर दूर हैं। नरौरा के चौधरी चरण सिंह बैराज नरौरा से 1.55 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया, जिससे आगामी 48 घंटे में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होगा। कुसुमखोर-हरदोई मार्ग पर पानी के तेज बहाव के कारण रास्ते का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है, जिससे जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती है। सुरक्षा के लिहाज से इस रूट पर ऑटो का संचालन बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद राहगीर मजबूरन जान जोखिम में डालकर बाइक, साइकिल व पैदल ही पानी को पार करने को विवश हैं।
महादेवी घाट पर मिलीं गंगा-काली नदी
गंगा में उफान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महादेवी घाट पर गंगा और काली नदी मिलकर एक हो गई हैं। वर्तमान में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब है और अगले दो दिनों में इसके खतरे के निशान को पार करने की संभावना है।
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वैकल्पिक रूट अपनाएं यात्री
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनमानस से उफनती नदियों के बीच जोखिम न लेने की अपील की है। एसडीएम सदर वैभव गुप्ता ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति बिगड़ने पर मार्ग को पूर्ण रूप से बंद कराया जाएगा। कुसुमखोर-सांडी मार्ग पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। हरदोई जाने के लिए महादेवी घाट होकर बिलग्राम रूट का इस्तेमाल करें।
पांडु नदी में बाढ़ से आठ गांवों की फसलें चौपट
ठठिया क्षेत्र में पांडु नदी में आई बाढ़ से औसेर, रपरा, हरेईपुर, रथसौरा समेत आठ गांवों में मक्का व धान की फसलें डूब गईं हैं। एसडीएम तिर्वा वैशाली ने बताया कि राजस्व विभाग की टीमों को बाढ़ प्रभावित गांवों में लगाया गया है। हालांकि, पिछले दो दिन से बारिश कम होने के कारण पांडु नदी का जलस्तर अब कम होने लगा है। प्रभावित किसानों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
वर्जन
गंगा और काली नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। गंगा की बाढ़ से प्रभावित कासिमपुर व बख्शीपुरवा गांवों को खाली करा दिया गया है और बाढ़ प्रभावित लोगों को शरणालय में भेजा गया है। राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
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-जयलक्ष्मी पांडेय, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
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