गुरसहायगंज। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन का मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। शिकायतकर्ता व ग्रामीणों की मांग पर बीडीओ ने शनिवार को पुन: जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर तीन दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र के ग्राम कटकैया निवासी आमोद कुमार ने तालग्राम विकास खंड की ग्राम पंचायत गंधौलिया के ग्राम प्रधान पर इंटरलाकिंग सड़क, हैंडपंप रिबोर व मरम्मत कार्यों में अनियमितता व सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि एक ही कार्य को कई बार दर्शाकर फर्जी मास्टर रोल तैयार कर मनरेगा मद में गड़बड़ी की गई है। मुख्यमंत्री संदर्भ के आधार पर बीडीओ उमाशंकर साहू ने जेई अरुणेश रावत को फोटो सहित जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
टीम ने जांच की पर ग्रामीणों ने टीम पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए न मिलने की बात कही थी। बताया कि 10 नवंबर को जांच टीम बिना सूचना गांव पहुंची और ग्रामीणों को पंचायत भवन में मिलने की सूचना दी गई। वहां पर घंटों इंतजार करते रहे और जांच टीम ग्राम प्रधान के नजदीक स्थित एक स्थान पर औपचारिकता निभाकर लौट गई। ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी।
इस पर बीडीओ उमाशंकर साहू ने दोबारा जेई अरुणेश रावत को तीन कार्य दिवस में स्पष्टीकरण सहित फोटोयुक्त जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बीडीओ का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी समिति का गठन कर जांच कराई जा रही है। तीन सदस्यीय समिति की अध्यक्षता जेई अरुणेश रावत कर रहे हैं। बीडीओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।