कन्नौज। जिले में ट्रैक्टरों की खरीद फरोख्त में बड़ा खेल सामने आया है। उपसंभागीय परिवहन विभाग में ट्रांसफर के लिए पहुंचे दो ट्रैक्टरों के कागजात फर्जी मिलने के बाद एआरटीओ ने जांच की तो पाया गया कि करीब 30 फीसदी ट्रैक्टरों का इसी तरह से रजिस्ट्रेशन करा लिया गया। पूरा खेल विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से हुआ। मामले का खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। एआरटीओ ने बताया कि ट्रैक्टर खरीद के समय गिरवी रखी गई जमीन के कागजातों की भी तहसीलदार से जांच कराई जाएगी। फिलहाल एजेंसी डीलरों को नोटिस जारी करने की तैयारी है। उपसंभागीय परिवहन विभाग में 5233 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। इनमें 30 फीसदी लगभग 1570 ट्रैक्टरों के रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाड़ा मिला है। इसके पीछे ट्रैक्टर डीलरों व कार्यालय के बाबू की भूमिका संदेह के घेरे में है। रजिस्ट्रेशन में फोटो किसी और हस्ताक्षर किसी का कराकर ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन करा दिया गया है। इस तरह के दो मामले एआरटीओ ने पकड़े और जांच की तो कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। एआरटीओ कार्यालय में वैसे तो अधिकतर पत्रावलियों में फर्जीवाड़ा होता है।
पहला मामला
सोनकली पत्नी कन्हैया लाल निवासी बछज्जापुर कोतवाली कन्नौज का पहला मामला सामने आया। जांच करने पर पता चला कि ट्रैक्टर खरीदने के दौरान डीलर ने जो कागजात ट्रैक्टर मालिक से लिए थे, उनको नहीं लगाया। नाम पता सही डाल कर फोटो व हस्ताक्षर किसी अन्य का कराकर रजिस्ट्रेशन करा दिया। महिला जब ट्रैक्टर को बेचने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंची तो मामले की जांच मेन फाइल से की गई तभी खुलासा हो गया।
ठठिया थाना क्षेत्र के गांव बहादुरपुर निवासी रामपाल का दूसरा मामला है। वर्ष 2016 में इन्होंने डीलर से ट्रैक्टर खरीदा था। कुछ रुपये लोन कराया था। समय से पहले लोन को अदा कर दिया गया। गुरुवार को जब राम पाल अपने ट्रैक्टर को बेचने के बाद ट्रांसफर करने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे तो कागजी कोरम पूरा करने के बाद फाइल लेकर दलाल के पास पहुंचे। कार्यालय के मुख्य फाइल से मिलान किया गया तो ट्रांसफर फाइल व कार्यालय की फाइल में भिन्नता पाई गई। पाया कि मुख्य फाइल पर रामपाल की फोटो न लगाकर किसी अन्य की लगाई गई थी। इसी तरह हस्ताक्षर भी किसी ने फर्जी तरीके से कर दिए थे। रामपाल से जब एआरटीओ से हस्ताक्षर व फोटो के संबंध में जानकारी ली तो वह बोला कि यह उसकी फोटो नहीं है। हस्ताक्षर भी उसके नहीं है। इस पर एआरटीओ ने फाइल को रोक लिया। कहा पहले डीलर को नोटिस भेजकर तलब किया जाएगा। इसके सभी कागजातों का मिलान करने के बाद ही ट्रैक्टर को ट्रांसफर किया जाएगा।
बोले जिम्मेदार--
जिले में दो ट्रैक्टर के कागज मिलाने के बाद सभी ट्रैक्टर की फाइलों को चेक कराया जाएगा। जांच के दायरे में डीलर से लेकर यदि बाबू हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी फोटो और हस्ताक्षर करके यह खेल किया गया है। तहसीलदारों की मदद से उन जमीन के कागजों की भी जांच कराई जाएगी जिनकी मदद से बैंक से फाइनेंस कराया गया और इसके बाद रजिस्ट्रेशन हुआ। अभी तक करीब 30 फीसदी ट्रैक्टरों के रजिस्ट्रेशन में फजीवाड़े की बात सामने आ रही है।
- संजय कुमार झा, एआरटीओ।