कन्नौज। सदर एसडीएम और सदर ब्लॉक प्रमुख के बीच पिछले तीन दिनों से विवाद चल रहा था। यह विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सदर ब्लॉक प्रमुख रामू कठेरिया ने एसडीएम पर कार्यालय से बाहर करने का आरोप लगाया था। ब्लॉक प्रमुख ने एसडीएम को हटाने की मांग की। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ तहसील परिसर में धरना दिया था। डीएम के आश्वासन पर यह धरना समाप्त हो गया था। शुक्रवार को ब्लॉक प्रमुख ने सामाजिक माध्यमों पर फिर धरना शुरू करने की घोषणा की। समर्थक धरना शुरू करने की तैयारी में थे। इसी बीच गुरुवार की देर शात जिलाधिकारी कार्यालय से उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल का आदेश जारी हुआ।
सदर की एसडीएम वैशाली को तिर्वा भेजा गया है। न्यायिक में तैनात नवनीता रॉय को सदर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। तिर्वा के एसडीएम राजेश कुमार को तिर्वा में ही न्यायिक की जिम्मेदारी मिली है। तिर्वा में न्यायिक पद पर तैनात रेशमा सहाय को सदर न्यायिक एसडीएम बनाया गया है। आदेश सामने आते ही ब्लॉक प्रमुख का खेमा इसे अपने आंदोलन की जीत बताने लगा।
विवाद और प्रतिक्रिया
समर्थकों का कहना है कि लगातार दबाव और विरोध के कारण प्रशासन को यह फैसला लेना पड़ा। उधर, प्रशासनिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम को सामान्य प्रक्रिया बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक साथ चार उप जिलाधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। इसलिए इसे किसी एक विवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल आदेश के बाद धरने की तैयारियां थम गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह बहस छिड़ गई है कि यह महज संयोग है या विरोध का असर। सदर विधायक और समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भी सामाजिक माध्यमों पर कार्यकर्ता के सम्मान को सर्वोपरि बताया।