कन्नौज। चुनाव के दौरान मतदाताओं को किसी तरह का प्रलोभन देने वालों पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उड़नदस्ता गठित कर दिया गया है। जिले की तीनों विधानसक्षा क्षेत्रों में तीन-तीन टीम बनाई गई है। हर टीम में पांच-पांच सदस्य शामिल हैं। टीम गठित कर उन्हें सक्रिय कर दिया गया है।
चुनाव के दौरान वोटरों को लुभाने के लिए उन्हें रुपये देने या शराब बांटने की शिकायत सामने आती रही है। इसी पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। नकदी को लेकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वालों की धरपकड़ के लिए उड़नदस्ता तैयार किया गया है। इस दस्ता में शामिल अधिकारी व कर्मचारी सड़क पर गाड़ियों की जांच करेंगे।
गाड़ी में निर्धारित रकम से ज्यादा की नगदी मिलने पर उसे जब्त कर लिया जाएगा। पूछताछ और जरूरी साक्ष्य मिलने के बाद ही वह रकम वापस हो सकेगी। अगर कोई ठोस सुबूत नहीं मिला तो कार्रवाई भी होगी। इसी तरह शराब बांटने पर रोक लगाने के लिए भी वाहनों में जांच के दौरान उसे खंगाला जाएगा। किसी वाहन में शराब की खेप मिलने पर उसे जब्त कर सम्बंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम की ओर से गठित उड़नदस्ता में छिबरामऊ विधानसभा क्षेत्र की एक टीम की अगुआई सहायक चकबंदी अधिकारी प्रदीप मिश्र करेंगे। उनके साथ एक एसआई, दो सिपाही और वीडियोग्राफर होगा। इसी तरह दूूसरी टीम में सहायक चकबंदी अधिकारी रामबली राम की अगुआई में पांच सदस्यी टीम गठित हुई है। तीसरी टीम की अगुआई लनकूप विभाग के जेई प्रशांत कुलश्रेष्ठ करेंगे।
तिर्वा विधानसभा की पहली टीम की अगुआई भूमि संरक्षण विभाग के जेई ललित कुमार, दूसरी टीम की अगुआई जिला कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक हरेंद्र तिवारी, तीसरी टीम की अगुआई सदर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी सत्येंद्र सिंह करेंगे। सदर विधानसभा क्षेत्र में जांच के लिए गठित तीन टीम में एक की अगुआई राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त विवेक कुमार करेंगे। दूसरी टीम का गठन सदर ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी सुभाषचंद्र यादव और तीसरी टीम का गठन पीडीब्ल्यूडी निर्माण खंड के जेई सुनील कुमार की अगुआई में हुआ है।
एडीएम आशीष सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर जारी निर्देश के तहत कोई भी 50 हजार रुपये तक की नकद रकम के साथ चल सकता है। इससे अधिक रकम होने पर उसे उसके स्रोत बताने होंगे और उससे जुड़ा साक्ष्य दिखाना होगा।
10 हजार रुपये तक का उपहार लेकर सफर कर सकता है। उससे ज्यादा की कीमत का उपहार मिलने पर पूछताछ होगी।किसी पार्टी के स्टार प्रचारक को एक लाख रुपये तक के नकद लेकर छूट रहेगी। 10 लाख रुपये से ज्यादा की रकम मिलने पर इनकम टैक्स की टीम पड़ताल करेगी। पड़ताल में गड़बड़ मिलने पर नकद रुपये जब्त हो जाएंगे।