कन्नौज। अब से तीन दशक पहले जिले में खासकर कटरी क्षेत्र में दहशत का सबब बने सियाराम गिरोह के दो सदस्यों को अदालत ने पांच साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। उस समय कन्नौज,फर्रुखाबाद जिले का हिस्सा था।
फर्रुखाबाद जिले का हिस्सा रहे ठठिया थाना की पुलिस ने 32 साल पहले 1992 में सियाराम गिरोह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 1992 में तत्कालीन ठठिया थानाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कुख्यात सियाराम गिरोह के सक्रिय सदस्य सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तहसीपुर निवासी धरम सिंह उर्फ धरमू व हीरापुरवा निवासी प्रकाश उर्फ रामप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
सदर कोतवाली के तत्कालीन वरिष्ठ एसआई डीएम शर्मा ने विवेचना करते हुए दोनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में दोनों को शातिर बदमाश बताया गया। दोनाें हत्या, अपहरण, फिरौती, चोरी व अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त जैसे कई संगीन अपराधों में शामिल बताए गए।
मामले में आरोपी धरमू हत्या व अपहरण के कई मामलों में अभी तक जेल में ही बंद है, जबकि प्रकाश उर्फ रामप्रकाश 11 वर्ष जेल में गुजारने के बाद जमानत पर बाहर था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश नंद कुमार ने 32 साल बाद धरम सिंह उर्फ धरमू व प्रकाश उर्फ रामप्रकाश को गैंगस्टर में दोषी करार देते हुए दोनों को सजा सुनाई।