तिर्वा (कन्नौज)। क्षेत्र के फखरपुर बरेवा जंगल में रविवार दोपहर अचानक आग लग गई। फायरब्रिगेड की गाड़ियां घने पेड़ों की वजह से जंगल में नहीं प्रवेश कर सकीं। टीम ने ग्रामीणों के साथ निजी संसाधनों से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग तब तक 30 बीघा में हजारों पेड़ और पौधों को नुकसान पहुंचा चुकी थी। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
सुर्सी वन खंड के फखरपुर बरेवा गांव में करीब 60 हेक्टेयर के दायरे में वन विभाग का जंगल है। कई सालों से इसमें विलायती बबूल के पेड़ खड़े हुए हैं। वन विभाग की ओर से सफाई न कराने के कारण जंगल में सूखे पत्ते और घास उगी है। रविवार दोपहर करीब 12 बजे किसी तरह जंगल में बीच में आग लग गई। हवा चलने के कारण थोड़ी ही देर में तेज लपटें उठने लगीं। इससे आसपास के किसान पहुंच गए और गेहूं के खेतों तक आग न पहुंच जाए इस डर से वन विभाग टीम को सूचना दी। इससे मौके पर फायरब्रिगेड की दो टीमें गाड़ियों के साथ पहुंच गईं। घने पेड़ों के चलते जंगल के अंदर तक पहुंचने का रास्ता नहीं मिल पाने के कारण फायरब्रिगेड की गाड़ियां खड़ी रहीं। इस पर स्थानीय किसानों ने अपने नलकूप चलाकर जंगल की ओर पानी डालना शुरू किया। दमकल टीमों के साथ आग बुझाई। करीब तीन घंटे तक लगी आग से करीब 30 बीघा जंगल में हजारों पेड़ जल गए। जिला वन अधिकारी जवाहर लाल गुप्ता ने बताया कि धरातल पर आग लगी थी। इससे कई पेड़ झुलस गए और कई राख हो गए हैं।