कन्नौज। जिले में डेंगू बेकाबू है। डेंगू की चपेट में आकर लोग जान गवां रहे हैं, लेकिन विभाग डेंगू से मौत मानने को तैयार नहीं है। बुखार से पीड़ित महिला समेत दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों के मुताबिक जांच में डेंगू की बात सामने आई थी। बुखार की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। सात लोगों में डेंगू के लक्षण मिले हैं।
रोजाना डेंगू संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में बुखार पीड़ित मरीजों की लंबी लाइनें लग रही है। बुखार की चपेट में आकर अब तक कई लोग जान गवां चुके हैं।
मानीमऊ के मखदूमापुर गांव निवासी रिहाना (48) बुधवार को बुखार आने से हालत बिगड़ गई थी। परिजनों ने इलाज के लिए कानपुर में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।
गुखरू पट्टी गांव निवासी रोशन लाल का 20 वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार डेंगू की चपेट में आ गया था। उसका दिल्ली में इलाज चल रहा था। गुरुवार भोर में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
शव गांव आते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। अधिकांश लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में न तो साफ-सफाई हो रही है और न ही दवा का छिड़काव किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई सूची के मुताबिक सात नए डेंगू के मरीज मिले हैं।
अब तक 365 लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं, जिसमें 336 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि 29 मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है।