कन्नौज। जिले में बुखार का कहर जारी है। डेंगू, टायफाइड, मलेरिया, बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसे में दवाओं की खपत भी तेजी से बढ़ी है। सिर्फ जिला अस्पताल में ही बीते तीन माह में बुखार के मरीजों को 1.65 लाख पैरासिटामोल की गोलियां बंट गई हैं। अक्तूबर में अब तक 25 हजार से ज्यादा पैरासिटामोल की गोलियों की खपत हो चुकी है।
पिछली साल की अपेक्षा इस बार जिले में डेंगू विकराल रूप से फैला हुआ है। इसके अलावा टायफाइड, मलेरिया और वायरल बुखार भी लोगों को चपेट में ले रहा है। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में बुखार के मरीजों का हुजूम उमड़ रहा है। ऐसे में बुखार के मरीजों को डॉक्टर पैरासिटामोल की गोली खाने की सलाह दे रहे हैं। बुखार मरीजों की संख्या बढ़ने पर दवाओं की खपत भी बढ़ी है। जुलाई, अगस्त और सितंबर माह में सिर्फ जिला अस्पताल के दवा काउंटर में 1.65 लाख पैरासिटामोल की गोलियां वितरित की गई हैं। इसके अलावा अन्य दवाओं की भी खपत बढ़ी है। बुखार का प्रकोप कम न होने पर गोलियों की खपत और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र कटियार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। जिसके चलते पैरासिटामोल की खपत भी बढ़ी है।
-
दवाओं काे जुटाना हो रहा मुश्किल
संक्रामक बीमारियों के बढ़ने से दवाओं की खपत भी बढ़ गई है। ऐसे में अकेले जिला अस्पताल में ही जरूरी दवाओं का स्टॉक बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट जितेंद्र कटियार बताते हैं कि दवाओं की कमी नहीं हो रही, लेकिन स्टॉक जुटाए रखना चुनौती बना हुआ है। आम दिनों की तुलना में पैरासिटामोल सहित कई जरूरी दवाओं की खपत बढ़ी है। मरीजों को चढ़ाए जाने वाली पानी बोतलों की खपत भी बढ़ गई है। हालांकि वह यही कहते हैं कि इन दिनों सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं।