तिर्वा। ब्लॉक उमर्दा की ग्राम पंचायत पाला के मजरा मिठुइया में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। 15 दिनों से ग्रामीण बीमारी से परेशान हैं। गांव में 30 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई ग्रामीण राजकीय मेडिकल कॉलेज या सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बजाय घर पर ही झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। इससे उनकी परेशानी बढ़ने की आशंका है।
गांव में मरीजों की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घरों के बाहर चारपाई, बेंच और तखत पर मरीजों को लिटाकर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, झोलाछाप को घर बुलाकर इलाज कराया जा रहा है। वहीं, ब्लड जांच के नाम पर पैथोलॉजी संचालकों की कमाई भी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डेंगू की जांच के नाम पर एक-एक हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। बीमारी के बीच महंगे इलाज और जांच से ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। पाला के अलावा मिठुइया और कलुआपुर गांव में भी बुखार के मरीज बढ़ने की बात सामने आई है। ऐसे में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और बीमारी की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
आज लगेगा स्वास्थ्य शिविर
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि करीब तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था। बुधवार को भी टीम गांव पहुंचकर शिविर लगाएगी और मरीजों की जांच कर इलाज उपलब्ध कराएगी।