कन्नौज। किसानों को मिलावटी खाद के प्रति जागरूक करने के लिए कृषि विभाग विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत जागरूक करेगा। अभियान के तहत ब्लाॅक से लेकर गांवों तक गोष्ठियां होंगी। इसमें किसानों को असली-नकली खाद की पहचान का आसान तरीका बताया जाएगा। पिछले दिनों मिलावटी खाद बनाने की सामग्री पकड़े जाने के बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
इस वर्ष जिले में अलग-अलग खाद के छह नमूने फेल हुए थे। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की थी। इसके अलावा विशुनगढ़ क्षेत्र में डीएपी की बड़ी संख्या में नई खाली बोरियां बरामद हुई थी। इसी सप्ताह कृषि विभाग की टीम ने नकली पोटाश बनाने वाले गोदाम का भंडाफोड़ किया था। इन कार्रवाई के बाद से लगता है जिले में मिलावटी खाद के कारोबार की जड़े गहरी हैं।
रबी सीजन में मिलावटी खाद खपाने का खेल काफी समय से हो रहा है। प्रशिक्षण से किसान जागरूक होंगे तो मिलावटखोरों की दाल गलनी बंद हो जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग ने यह कदम उठाया है। जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान में प्रशिक्षण देकर असली-नकली उर्वरक की पहचान का तरीका बताया जाएगा। किसान मिलावटी खाद तैयार करने वालों की सूचना दे सकते हैं, तत्काल कार्रवाई होगी।
ऐसे करें असली खाद की पहचान
-सफेद चमकदार दाने, समान आकार के गोल दान।
-दाना गर्म तवे पर रखने से तुरंत पिघल जाता है।
-पानी व नमी के संपर्क में आते ही घुल जाता है।
-घोल को छूने पर शीतलता की अनुभूति होती है।
डीएपी
-सूखा व दानेदार, काला, भूरा व बादामी रंग होता है।
-नाखूनों में लगने पर आसानी से रंग नहीं छूटता है।
-दाने में चूना मिलाकर मलने पर गंध आती है।
-तवे पर धीमी आंच में गर्म करने पर दाना फूल जाता है।
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पोटाश
-यह सफेद पिसे नमक व लाल मिर्च के मिश्रण की तरह होता है।
-इसके कणों को नम करने पर आपस में चिपकते नहीं हैं।
-पानी में घोलने पर खाद का लाल भाग सतह पर आ जाता है।