कन्नौज। कौन कहता है कि आसमान में छेद नहीं होता, एक पत्थर को तबीयत से उछालो यारों, यह पंक्ति रवि दुष्यंत कुमार की एक प्रसिद्ध गजल से ली गई है जो दृढ़ निश्चय और मेहनत के दम पर असंभव को संभव करने का संदेश देती है। इसे गांव में रहने वाले एक किसान के बेटे ने कर दिखाया है।
जसोदा क्षेत्र के ग्राम किशवापुर के रहने वाले योगेश कटियार मामूली किसान हैं। परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती है। उनके पुत्र अर्पित ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 67वीं रैंक हासिल कर परिवार व जनपद का नाम रोशन किया है। उन्होंने सामान्य शिक्षा ग्रहण करते हुए अपनी लगन व मेहनत के दम पर पांचवें प्रयास में यह सफलता हासिल की है। परिजन के अनुसार अर्पित बचपन से ही पढ़ाई में तेज था। कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर जसोदा में ग्रहण की। इसके बाद कक्षा छह से आठ तक कन्नौज के मायादेवी इंटर कॉलेज में और हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई कानपुर के कॉलेज से पूरी की। अर्पित की सफलता पर परिजनों व शुभचिंतकों में खुशी है।