छिबरामऊ। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर चल रही जांच में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अब डडौना गांव की तस्वीर बदलने लगी है। विधायक कैलाश राजपूत की पहल पर शुक्रवार को गांव के दो किसानों ने तहसील पहुंचकर यूपीडा के पक्ष में अपनी जमीन की रजिस्ट्री कर दी। 10 अन्य किसानों ने भी अपनी सहमति दे दी है, जिनके बैनामे शीघ्र कराए जाएंगे।
बैनामा करने पहुंचे दोनों किसानों का एसडीएम ज्ञानेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार अभिनव वर्मा और नायब तहसीलदार राम प्रकाश व हिमांशु प्रभाकर ने माल्यार्पण कर व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। प्रशासन का कहना है कि इस पहल के बाद अब बैनामा करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। ग्राम डडौना के ग्राम बिजनौरा निवासी रामसनेही व नरेंद्र सिंह ने गाटा संख्या 1042 (कुल रकबा 0.4170 हेक्टेयर) में से अपनी प्रभावित कृषि भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में दर्ज कराया।
विधायक से वार्ता के बाद 10 और किसानों ने दी सहमति
रजिस्ट्री के दौरान तिर्वा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैलाश सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दोनों किसानों का सम्मान किया। विधायक ने किसानों को बताया कि इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। यह लिंक एक्सप्रेस वे सीधे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड (चित्रकूट) एक्सप्रेस वे को आपस में जोड़ेगा। इससे न केवल फर्रुखाबाद और कन्नौज के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विधायक की इस चौपाल का बड़ा असर देखने को मिला और मौके पर ही 10 अन्य काश्तकारों ने भी एक्सप्रेस वे के लिए अपनी जमीन देने की सहमति प्रदान करते हुए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए।