गुरसहायगंज। अघोषित बिजली कटौती से नाराज भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट की ओर से स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर एसडीओ कार्यालय का घेराव किया गया। सभी वहां धरना पर बैठ गए। बाद में चार दिन में व्यवस्था दुरुस्त न होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी। इस मौके पर छह सूत्री ज्ञापन एसडीओ को दिया गया। एसडीओ ने समस्या का जल्द निदान करने का आश्वासन दिया है।
भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनमानस परेशान है तो वहीं किसानों की फसल भी पानी के अभाव में सूख रही है। इसको लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी, जिला सचिव साजिद हुसैन, कस्बा समधन के नगर अध्यक्ष मुईन अहमद, अनवर खान, कौशलेंद्र, अनुराग यादव आदि ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर एसडीओ कार्यालय का घेराव किया और दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने कहा कि किसी भी बकाएदार किसान का कनेक्शन बिना सूचना के ना काटा जाए। हाईटेंशन लाइन के झूलते तारों को तत्काल ठीक कराया जाए और हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मरने वालों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। किसानों के धरने की जानकारी मिलते ही एसडीओ अरविंद कुमार मौर्य, अवर अभियंता विकास कुमार मौके पर पहुंचे और उत्तेजित कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया और जल्दी समस्या के निदान का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान यूनियन के लोगों ने छह सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीओ को दिया और चार दिन में व्यवस्था में सुधार ना होने पर सड़क जाम करने की चेतावनी दी।
समधन में सिर्फ पांच घंटे बिजली
जिला अध्यक्ष ने बताया कि कस्बे समधन की पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है जिससे लोगों को मात्र पांच घंटे बिजली मिल पा रही है। ग्राम खाड़ेदेवर की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं है। जर्जर तारों से अक्सर फॉल्ट हो जाता है जिससे बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। ग्राम इस्माइलपुर के फीडर में भी हाथ धोने से सप्लाई बाधित रहती है। बार-बार ट्रिपिंग होने से किसान अपने खेत में खड़ी फसल में पानी नहीं लगा पा रहा है।
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पुलिस ने जताई आपत्ति तो भड़के किसान
भारतीय किसान यूनियन के धरना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे कस्बे चौकी प्रभारी अजब सिंह ने किसान यूनियन के इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई। इसे लेकर उनकी जिला अध्यक्ष शमीम सिद्दीकी से तीखी झड़प हो गई। शमीम सिद्दीकी ने बताया कि कार्यक्रम की अनुमति वरिष्ठ अधिकारियों से ली गई है और कार्यक्रम की अनुमति मेरे पास है। पुलिस की ओर से कार्यक्रम में अवरोध उत्पन्न होता देख कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। किसी प्रकार लोगों ने समझा-बुझाकर कार्यकर्ताओं को शांत किया।