छिबरामऊ(कन्नौज)। धान खरीद का पहला दिन किसानों के इंतजार में गुजर गया। सभी जगह खरीद निल रही। कर्मचारी पूरा दिन खाली हाथ बैठे रहे।
छिबरामऊ निगम मंडी में विपणन शाखा व नेफेड के दो तथा किसान सेवा सहकारी समिति पूर्वी पर पीसीएफ धान खरीद केंद्र है। सौरिख व खड़िनी में भी केंद्र खोले गए हैं। खरीद केंद्र के पहले दिन कर्मचारियों ने सुबह से कांटा, बारदाना, सुतली, पंखा, नमी मापक यंत्र व अभिलेख दुरुस्त कर लिए थे। किसी भी केंद्र पर किसान नहीं पहुंचे। इसकी वजह प्रचार-प्रसार में कमी बताई गई है।
खड़िनी के शिवसिंहपुर निवासी किसान जयनारायन व ग्यासपुर निवासी अवधेश सिंह ने बताया कि पके धान का समर्थन मूल्य सरकार से निर्धारित मूल्य से कहीं ज्यादा है। दूसरी प्रजाति के धान में या तो अभी नमी है या कटाई नहीं हुई। इससे धान को अभी केंद्रों तक पहुंचाने में समय लगेगा। इस संबंध में खड़िनी केंद्र प्रभारी अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि केंद्र को 9 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। किसानों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रों पर खरीद न देख एसडीएम भड़के
एसडीएम गौरव शुक्ला ने खड़िनी में संचालित धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। क्षेत्र में सबसे ज्यादा धान की पैदावार होने के बाद भी किसी किसान के केंद्र पर न पहुंचने के कारण उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों को गांव-गांव भेजकर केंद्र शुरू होने की जानकारी दें। उन्होंने अभिलेख पूर्ण न होने पर तैयार करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि इस बार धान खरीद का पैसा किसानों के खातों में भिजवाया जाएगा।
साफ और स्वच्छ धान लाने वाले किसानों को मिलेगा बोनस
दोपहर बाद सहायक आयुक्त निबंधक रामसजीवन वर्मा तथा जिला प्रबंधक एके बाजपेई ने भी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान इन्होंने किसानों के लाए नमूने परखे। बताया कि अगर किसान साफ और स्वच्छ धान लेकर आता है तो प्रति क्विंटल के हिसाब से 20 रुपये अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा।
हाइब्रिड फसल को मिल रहे वैरायटी युक्त धान के दाम
किसानों के मुताबिक मेनका वैरायटी का धान सबसे ज्यादा कीमत पर बिकता है। इसकी पैदावार बहुत कम होती है। इस धान की कीमत बाजार में लगभग 1800 रुपये प्रति क्विंटल है। हाइब्रिड धान की कीमत लगभग साढे़ चौदह सौ रुपये प्रति क्विंटल है। हाइब्रिड धान की पैदावार एक बीघा में लगभग 7 से 8 क्विंटल तक होती है। क्षेत्र के अधिकांश किसान हाइब्रिड धान की पैदावार करते हैं। केंद्रों पर हाइब्रिड धान को भी वैरायटी युक्त मेनका धान के दामों में खरीदा जा रहा है।