कन्नौज। आलू किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जिला प्रशासन ने आलू आधारित वोदका प्लांट और रोग मुक्त पेस्ट फ्री एरिया बनाने की परियोजना तैयार की है। वोदका प्रोजेक्ट प्लांट से स्थानीय स्तर पर आलू की खपत होगी जबकि रोग मुक्त पेस्ट फ्री एरिया से यूरोप, अमेरिका आदि देशों में आलू का निर्यात हो सकेगा।
जिले की मुख्य आलू फसल है। प्रत्येक साल 52 हजार हेक्टेयर में 12.50 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता। स्थानीय स्तर पर खपत और विदेशों तक निर्यात न होने से किसानों को आलू का उचित दाम नहीं मिल पाता है। इससे जिला प्रशासन ने आगरा, लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास ठठिया में निजी कंपनी के सहयोग से आलू आधारित वोदका (शराब) प्लांट बनाने की परियोजना तैयार की है।
पहले चरण में बॉटलिंग, इसके बाद दूसरे चरण में स्थानीय किसानों से आलू की खरीदकर वोदका बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके अलावा जनपद में टिश्यू कल्चर व एयरोपॉनिक्स आधुनिक तकनीक से आलू बीज की बुवाई कर कीट रोग व वायरस मुक्त पेस्ट फ्री एरिया बनाया जाएगा।
डीएम शुभ्रांत शुक्ल ने बताया कि दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। दोनों परियोजनाओं से जिले के आलू किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। भविष्य में यह योजनाएं जनपद ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के किसानों के लिए वरदान साबित होंगी।
---
पेस्ट फ्री एरिया
मौजूदा समय जिले से सिर्फ नेपाल आलू निर्यात होता है। अन्य देश जैसे अमेरिका, यूरोप, इंडोनेशिया से लेकर कई देश नेशनल लैब से आलू की जांच कराते हैं। रोग और वायरस ग्रसित आलू मिलने पर आलू लेने से मना कर देते हैं। कई बार जिले से भेजे गए आलू की खेपों को लौटाया भी गया। इसके लिए जिले में रोग मुक्त आलू का उत्पादन होगा। जिला उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी ने बताया कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ टिश्यूकल्चर और एयरोपॉनिक्स विधि से उत्पादन करेगा। लैब में आलू टेस्टिंग के बाद इसे विश्वस्तरीय लैब से रोग और वायरल मुक्त आलू का सर्टिफिकेट जारी कराया जाएगा। इसके बाद कई देशों में निर्यात की सुविधा मिल सकेगी।