संवाद न्यूज एजेंस कन्नौज। सदिकापुर में आलू, सरसों बचाने के लिए किसान खेतों में मिट्टी के बांध बना रहे है। सड़क पर नाले का पानी बढ़ने से बच्चों के डूबने का भी खतरा है। सड़क से गुजरने वाले राहगीर भी नाले के पानी से गुजरने पर मजबूर हैं।
तहसील सदर के गांव सदिकापुर में 20 वर्ष से 250 बीघा खेती की भूमि में शेखाना नाले का पानी भर रहा था। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने गांव को जाकर जलनिगम के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। शेखाना नाले के पानी को सीवर लाइन में डायवर्ट करने के आदेश दिए। इसके बाद जलनिगम के अधिकारियों ने गाजियाबाद की टीम को बुलाकर 20 दिन में 15 लाख रुपये खर्च करके चोक सीवर लाइन की सफाई करवाई। शेखाना नाले के पानी को सीवर लाइन में डायवर्ट कर दिया गया। रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका के ईओ को दी गई।
मंत्री ने भी मौके पर जाकर डायवर्ट सिस्टम को देखा। गांव के लोग भी खुश हो गए कि अब नाले का पानी खेतों में नहीं आएगा। शेखाना मोहल्ले के लोगों के नाले के पास खेत है। वह लोग रात में रोके गए नाले के पानी को खोलकर खेतों की सिंचाई करते हैं। इस कारण सदिकापुर में फिर से जलभराव होने लगा। सड़कोंं पर पानी भर गया है। ऐसे में बच्चों के डूबने का भी खतरा है।
गांव के लोग आलू व सरसों को बचाने के लिए खेतों पर मिट्टी के बांध बना रहे हैं। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी ने बताया कि ग्रामीणोंं को पुलिस को फोन करना चाहिए। नगर पालिका को लिखित में नाले को डायवर्ट करने का चार्ज नहीं सौंपा गया है, इसकी जिम्मेदारी जलनिगम के अधिकारियों की है।