ठठिया। तीन दिन से बुखार से पीड़ित वीरमपुर के किसान की मंगलवार को मौत हो गई। किट से जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
ग्राम वीरमपुर निवासी पातीराम (55) खेतीबाड़ी करते थे। भाई रविंद्र ने बताया कि पातीराम को 24 अक्तूबर को बुखार आया था और उनका ग्राम जनेरी के झोलाछाप से इलाज चल रहा था। दो दिनों तक इलाज के बाद राहत न मिलने पर झोलाछाप ने डेंगू की जांच कराने के लिए कहा तो वह निजी पैथोलॉजी पर जांच कराने के लिए गए थे।
किट से जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। जांच कराने के बाद भाई घर वापस आ रहे थे लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। पीएचसी प्रभारी डॉ. अमृत सिंह ने बताया कि किसान की मौत की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा जाएगा।
किसान की मौत के बाद भी नहीं चेता पंचायत विभागफोटो :07: मुख्य मार्ग पर जलभराव और गंदगी। संवाद
फोटो :08: सड़क किनारे बह रहा गंदा पानी। संवाद
गलियों में कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, 30 लोग बुखार से पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
अमोलर (कन्नौज)। चचियापुर गांव में बुखार से किसान की मौत के बाद भी पंचायत विभाग गंभीर नहीं है। गांव में साफ-सफाई न होने से जलभराव और गंदगी की समस्या है। गलियों में जमा दूषित पानी और कीचड़ से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ रही है। अभी भी गांव में 30 ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं।
चचियापुर गांव में बुखार से किसान तुलाराम की 24 अक्तूबर को मौत हो गई थी। इसके बाद भी गांव की गलियों में कीचड़ और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से दूषित पानी सड़कों पर जमा है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में बुखार अभी भी पसरा है।
ग्रामीण चंदन (24), पंकज (18), प्रवीन (25), अशोक कुमार (50), पत्नी मिथलेश (48), देवेंद्र (47), हिमांशु (18), मोती लाल (45), कंचन(20), श्रीकृष्ण (55), लाली (18) समेत 30 ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में बीमारी को लेकर चिंता है। लोगों को आशंका है कि गंदगी और दूषित पानी से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। बीडीओ उमाशंकर साहू का कहना है कि गांवों में सफाई कार्य कराया जा रहा है। सचिव को गांव भेज कर पड़ताल कराई जाएगी, जहां अव्यवस्थाएं होगी वह दुरुस्त कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने की जांच के नाम खानापूरी
पूर्व प्रधान गुरुप्रसाद, पूर्व प्रधान रामकिशोर का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने शिविर और जांच के नाम पर खानापूरी की है। रविवार को केवल दो घंटे ही शिविर लगाया था। गांव के सभी बीमार लोगों का चेकअप तक नहीं किया। केवल औपचारिकता पूर्ण की गई। इससे बीमार लोगों को झोलाछाप के पास इलाज कराने के लिए मजबूरी में जाना पड़ता है।