तिर्वा। खेत की मिट्टी की क्षमता की जांच कराने के लिए किसानों को अब सिर्फ 42 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। किसान भूमि परिषद प्रयोगशाला की ओर से मिट्टी की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट 72 से 96 घंटो के अंतराल में मिलेगी।
अधिकांश खेतों में सल्फर, जिंक, लोहा, कॉपर, मैग्नीज की कमी मिलती है। इस कारण खेतों की उत्पादन क्षमता कम हो जाती है। इससे किसानों की फसलों की पैदावार में असर पड़ता है। फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए उर्वरकों का प्रयोग अधिक करते हैं। इससे मिट्टी में उर्वरा शक्ति कम हो जाती है।
भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष गिरीराज सिंह ने बताया कि प्रयोगशाला में किसान खेत की मिट्टी की सेहत की सही जांच करा सकता है। मेजर और माइक्रो कंपोनेंट्स प्रमुख पोषकतत्व और सूक्ष्म पोषकतत्वों की जांच के लिए किसानों को 42 रुपये शुल्क प्रति नमूना जमा करना होता है। जांच के लिए किसान खेत की सूखी मिट्टी कम से कम पांच सौ ग्राम सभी कोनों से मिलाकर जांच के लिए दें। जिससे मिट्टी की सही जांच हो सकें।
-----------------------
वैज्ञानिकों की राय से ही डालें पोषकतत्व
तिर्वा। भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष गिरीराज सिंह ने बताया कि मिट्टी की सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। मिट्टी की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट कृषि विज्ञान के वैज्ञानिकों को दिखाएं और उनकी राय के आधार पर ही पोषकतत्वों का प्रयोग करें।