वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,820 व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना जनहित और गांव की वास्तविक जरूरतों पर आधारित होनी चाहिए। 31 मार्च 2027 तक की व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण कार्ययोजना तैयार की जाए। किसी भी ग्राम पंचायत की कार्ययोजना शून्य नहीं रहनी चाहिए। यह निर्देश डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री पंचायती राज विभाग की योजनाओं और ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिए।
डीएम ने कहा कि शासकीय भवन, सोलर लाइट, इंटरलॉकिंग, सीसी रोड, नाली और स्वच्छता कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना की गाइडलाइन और शासनादेश की जानकारी सभी सचिवों और प्रशासकों को होनी चाहिए। ऐसा कोई कार्य न हो जिससे गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल उठे। बैठक का उद्देश्य योजनाओं की समीक्षा के साथ ही फील्ड में आ रही चुनौतियों को समझते हुए बेहतर कार्य करना है। स्वच्छता की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,820 व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष 2,589 शौचालयों के लिए 3.10 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं।
डीएम ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, फॉगिंग और चूना छिड़काव को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। अंत्येष्टि स्थलों की समीक्षा में बताया गया कि छह स्थलों के प्रस्ताव शेष हैं। डीएम ने शेष भूमि चिह्नित कर मानकों के अनुरूप निर्माण शुरू कराने को कहा। चयनित पंचायतों में 18-18 लाख रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। बैठक में पीडी रामअवतार सिंह, डीसी मनरेगा दिनेश यादव, डीडीओ प्रतिभा जायसवाल सहित सभी बीडीओ मौजूद रहे।