छिबरामऊ (कन्नौज)। आंधी के चलते कसावा इलाके में टूटे बिजली के करीब 50 पोल अब तक ठीक नहीं हो पाए हैं। इससे करीब 40 गांवों की बिजली पांच दिन से गुल है। पेयजल संकट भी गहरा गया है। लोगों को मोबाइल चार्ज करने में दिक्कत हो रही है।
शुक्रवार को कसावा में आंधी से कई गांवों में बिजली के पोल और पेड़ गिर गए थे। इन्हें महकमा अब तक ठीक नहीं कर सका। इससे इलाके के 40 गांवों में दिक्कत है। यहां बिजली न मिलने से लोगों को उमस से जूझना पड़ रहा है। निजी नलकूप ठप होने से धान की रोपाई भी नहीं हो पा रही है। इससे किसान परेशान हैं। घरेलू सबमर्सिबल बंद होने से लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
वहीं ग्राम पंचायत पलिया बूंचपुर की प्रधान साधना दुबे ने करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों के हस्ताक्षर से अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार को ज्ञापन दिया है। इसमें बताया कि 33केवी उपकेंद्र बहवलपुर से भाउलपुर तक हाईटेंशन लाइन गई है। इसे भाउलपुर पेट्रोल पंप से आगे पलिया तक जोड़ा जा सकता है। इसमें सात पोल का खर्च आएगा। इस लाइन के चालू होने से आसपास के गांवों को भी फायदा होगा।
इन गांवों में छाया अंधेरा
नगला बल्देव, भारापुर, पश्चिमी मड़ैया, पूर्वी मड़ैया, कसावा, नगला तालपार, गागिन नगला, कठाहार, मेंदेपुर, भाउलपुर, पलिया बूंचपुर, तिगुड़िया, नगला खगू, मुड़िया, बिसमा, नगला दुर्गा, ककरैया, त्यौर, भीकमपुर सानी, खानपुर कसावा, छोटे नगला, बेहटा खास, परान नगला, नगला तिजू, भुइयन नगला सहित 40 गांवों में अंधेरा है।
क्या बोले जिम्मेदार
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार ने बताया कि चार-पांच गांवों की आपूर्ति शुरू करा दी गई है। टूटे पोल सही कराए जा रहे हैं। दो से तीन दिन के अंदर सभी गांवों में आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।