कन्नौज। जिला अस्पताल में अगस्त 2021 में ऑक्सीजन का संचालन शुरू हुआ था। इसमें रोजाना 1000 एलपीएम ऑक्सीजन तैयार होती थी। अस्पताल में भर्ती मरीजों को प्लांट से ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही थी। दो माह पहले प्लांट में लगा इलेक्टि्क पैनल खराब हो गया। अस्पताल प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को प्लांट खराब होने की जानकारी दी। इसके बाद संस्था के प्रतिनिधियों ने जांच की और इलेक्टि्क पैनल सही करने में 2.50 लाख रुपये का खर्च बताया। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर मरीजों काे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऑक्सीजन की समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगवाए थे। ताकि भविष्य में मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान न होना पड़े। जिला अस्पताल और सौ शैय्या अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट में लगे इलेक्टि्क पैनल खराब हो गए हैं। दोनों प्लांटों के पैनल को सही कराने के लिए पांच लाख रुपये का खर्च आएगा। बजट न मिलने के कारण ऑक्सीजन प्लांटों की सांसें थमी हुई हैं।
अस्पताल प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर बजट की मांग की। यही हाल छिबरामऊ स्थित सौ शैय्या अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट का भी है। यहां पर लगे प्लांट का भी इलेक्टि्क पैनल खराब है और डेढ़ माह से प्लांट बंद है। इसको भी सही कराने में 2.50 लाख रुपये का खर्च आएगा। बजट के अभाव में ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हुए हैं और मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री का कहना है कि जिले में सभी ऑक्सीजन प्लांट दुरुस्त कराए जाएंगे। इसके लिए अस्पतालों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता वृद्धि भी कराई गई है।
ऑक्सीजन प्लांट बंद होने से सिलिंडर बने सहारा
सौ शैय्या अस्पताल में प्लांट बंद होने के कारण मरीजों को ऑक्सीजन के लिए परेशान न होना पड़े। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने सिलिंडर की व्यवस्था कर रखी है। मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही है। अगर सिलिंडर समाप्त हो जाता है तो मरीजों को परेशानियों का सामना कर पड़ता है।
पांच में से मेडिकल कॉलेज समेत तीन प्लांट हो रहे संचालित
कोरोना काल में जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे, जिसमें दो राजकीय मेडिकल काॅलेज में दो, जिला अस्पताल में एक, सौ शैय्या में एक और सौरिख सीएचसी में एक ऑक्सीजन प्लांट लगा है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और सीएचसी में लगा प्लांट संचालित हैं और दो प्लांट खराब हैं।