सुबह करीब 11.45 बजे। कोई अचानक कुर्सी पर बैठे-बैठे हिलने लगा तो किसी को लगा कि उसे चक्कर आ रहे हैं। लेकिन कुछ पलों के बाद जब सभी को ऐसी ही दिक्कत हुई तो उन्हें समझ आया कि यह भूकंप है। फिर क्या, हर गली और मोहल्ले से एक ही आवाज सुनाई दी, भागो भूकंप आया।
शनिवार को भूकंप के तेज झटकों ने जिले भर के लोगों को झकझोर कर रख दिया। चंद मिनटों में ही जिले के शहरी, कसबाई व ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के चेहरे पर दहशत के बादल मंडराने लगे। कई तरह के कयास लगाते हुए लोग खुले मैदान की तरफ भाग खड़े हुए। कोई सड़क के ऊपर पहुंच गया तो कोई गांव के अंदर से निकलकर खेतों की तरफ भागा। सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कामकाज छोड़कर बिल्डिंग से दूर खुले आसमान के नीचे जा पहुंचे।
कलेक्ट्रेट में भूकंप के झटकों का असर पहली और दूसरी मंजिल पर कार्यरत सभी कार्यालयों पर दिखा। एडीएम रमेश चंद्र यादव समेत पूरा स्टाफ कमरे से बाहर निकल मैदान में आ गया। जिले के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादी भी जान बचाकर भागे। इस दौरान एडीएम ने लोगों को भूकंप के प्रति जागरूक किया।
खोखे के ऊपर रखा छप्पर नीचे गिरा
मानीमऊ/मिरगांवा। कस्बे में पान की दुकानों, चाय की दुकानों, खेत खलियान में पूरे दिन भूकंप की चर्चा होती होती रही। लोग एक-दूसरे से पूछते रहे कि उन्होंने कैसा महसूस किया। मानीमऊ में जीटी रोड किनारे सूरज कोल्ड स्टोरेज के पास लकड़ी का खोखा रखा था। इसके ऊपर का छप्पर भूकंप के तेज झटकों से गिर गया। छप्पर के नीचे बैठे लोग हालांकि उसकी चपेट में आने से बच गए।
अंधविश्वास में की पूजा-पाठ
गुगरापुर। कटरी क्षेत्र में भूकंप के बारे में लोगों को जानकारी कम होने के कारण वे झटकों के बाद अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गए। किसी ने कहा कि धरती को अपने फन पर रखे शेषनाग ने करवट बदली है तो किसी ने कहा कि यह कुदरत की मार का संकेत है। वहीं कटरी के कई गांवों में लोग पूजा-पाठ करने लगे और बचाव की प्रार्थना में जुट गए।
ग्रामीण रह गए हक्के-बक्के
मानीमऊ। सुबह अचानक आए भूकंप से दीवारें मकान व खड़े वाहन हिलते नजर आए तो ग्रामीणों के होश फाख्ता हो गए। यासीनपुर, सैयदपुर सकरी, मियांगंज, सकरी खुर्द, लक्ष्मणपुर, तिखवा, तारमऊ गढ़ी, दाईपुर, मित्रसेनपुर, उदैतापुर, तेरामल्लू समेत सभी गांवों के लोगों ने भूकंप के तेज झटके महसूस किए। कई लोग तो भूत होने की बात कहकर एकाएक भाग खड़े हुए। वहीं स्कूलों में भगदड़ का माहौल नजर आया। टीचरों ने बच्चों को आनन-फानन में कमरों से बाहर निकालकर फील्ड में खड़ा कराया। इसके बाद छुट्टी करके बच्चों को उनके घरों के लिए रवाना कर दिया।
मकान बना रहे मजदूर-मिस्त्री भागे
ठठिया। बाजार में स्थित दुर्गामंदिर की चोटी हिलते हुए नजर आई। मार्केट में बैठे लोग गली की तरफ दौड़ पड़े। शिव सिंह वर्मा, सर्वेश कुमार, अवनीश अवस्थी, रविशंकर शुक्ला, राजू तिवारी, चेतराम कुशवाहा, संजीव तिवारी ने बताया कि उनके घर के पास मकान बन रहा था। उसकी दीवारें हिलनें लगीं तो मिस्त्री व मजदूर भाग खड़े हुए।
पुलिस ने किया लोगों को जागरूक
ठठिया। थाना पुलिस ने गांवों में पहुंचकर लोगों को जागरूक किया। बताया कि भूकंप समझ में आते ही घरों से बाहर निकलकर खुले आसमान के नीचे पहुंच जाएं। यदि कहीं कोई भवन गिरे या अन्य कोई मामला हो तो तत्काल मदद के लिए थाने को सूचित करेें। भयभीत होने के बजाय सतर्कता से काम लें।