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Kannauj News: अर्ली वार्निंग सिस्टम से बदलेगी परिषदीय स्कूलों की तस्वीर

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- तीन दिनों तक स्कूल से अनुपस्थित रहने पर अभिभावक के मोबाइल पर जाएगी सूचना
- जनपद के 1459 परिषदीय स्कूलों में लगभग 1.18 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत

संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। परिषदीय स्कूलों में छात्रों की घटती उपस्थिति और बढ़ती ड्रॉपआउट दर पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसके जरिए छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत यदि किसी छात्र की मासिक औसत उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होती है या वह लगातार तीन दिनों तक स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उसके अभिभावकों के मोबाइल पर तुरंत एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।
जनपद के 1459 परिषदीय स्कूलों में लगभग 1.18 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन सभी छात्रों की उपस्थिति का डेटा ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे न केवल छात्रों की उपस्थिति में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय भी होगा।
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विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षण सत्र 2026-27 में प्रत्येक छात्र की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्कूल स्तर पर विशेष अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है। वार्षिक परीक्षा से पहले प्रत्येक छात्र की उपस्थिति रिपोर्ट तैयार की जाएगी और जिन छात्रों की उपस्थिति कम होगी, उनके अभिभावकों को पहले से सचेत किया जाएगा। कुछ समय पहले ही अपर मुख्य सचिव बेसिक की ओर से आयोजित समीक्षा बैठक में अर्ली वार्निंग सिस्टम को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अधिकारियों का मानना है कि समय पर सूचना मिलने से अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई के प्रति अधिक जागरूक होंगे और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे। बीएसए संदीप कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट दर को कम करना, छात्रों की उपस्थिति बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
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