फर्रुखाबाद। रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद परिसर में हुए जानलेवा हमले के मामले में दोषी ठहराए जा चुके ई-रिक्शा चालक धीरज चौहान को मंगलवार को अपर जिला जज दीपेंद्र कुमार सिंह ने 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जनपद कन्नौज थाना गुरसहायगंज के गांव हनुमंदखेड़ा निवासी रामनिवास ने जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराईथी। बताया था कि 15 अप्रैल 2024 की शाम उसका गांव पूठा नगला निवासी भांजा गोविंद शाम करीब सात बजे फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर निजी कार्य से गया था। स्टेशन परिसर में थाना मऊदरवाजा के बजरिया निवासी ई-रिक्शा चालक धीरज ने किराये को लेकर गालीगलौज शुरू कर दी।
विरोध करने पर भी आरोपी नहीं रुका। लोगों के बीच-बचाव करने पर आरोपी ई-रिक्शा में रखा हंसिया लेकर लौटा और गोविंद पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में गोविंद के सिर व हाथ में गंभीर चोटें आईं। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जीआरपी थाने से उसे घटना की सूचना दी गई। अगले दिन आकर उसने लोहिया अस्पताल में भांजे गोविंद से बातचीत की।
इसके बाद जीआरपी थाने पहुंचकर तहरीर दी। जीआरपी ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। जांच के बाद आरोपी धीरज के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश दीपेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी को शनिवार 3 जनवरी को दोषी करार दिया था।