छिबरामऊ। शराब के नशे में जहर खाने वाले मरीज को लेकर परिजन गुरुवार को अस्पताल पहुंचे। मरीज ने इलाज करने पहुंचे एक स्वास्थ्य कर्मी को जान से मारने की नीयत से गला दबा दिया और दूसरे की लात-घूंसों से पिटाई की। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने पर यह लोग अभद्रता करते हुए भाग गए। स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्रवाई के लिए पुलिस को नामजद तहरीर दी है।
दूसरी शिफ्ट में डाॅ. अमित यादव के साथ पुरुष स्टॉफ नर्स स्वागत कुमार, वार्ड बॉय, अभिजीत दीक्षित, सीमा आदि ड्यूटी पर थे। दोपहर दो बजे अकबरपुर निवासी संजीव कुमार को लेकर उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने बताया कि संजीव ने शराब के नशे में जहर खा लिया है। डाॅक्टर की सलाह पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उसका इलाज शुरू करने के लिए वीगो लगाने का प्रयास किया। इस पर संजीव भड़क गया और एक स्वास्थ्य कर्मी के तमाचा मार दिया। दोबारा से प्रयास करने पर उसने दूसरे को पकड़कर बिस्तर पर पटक दिया और जान से मारने की नीयत से गला दबाने लगा।
कर्मचारियों के साथ मारपीट होते देख अन्य स्वास्थ्य कर्मी एकत्रित हो गए। तब संजीव के साथ आए अन्य परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई करते हुए मरीज को लेकर अस्पताल से भाग गए। दोपहर बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई के लिए तहरीर दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई न हुई तो ड्यूटी नहीं करेंगे।
सीएमएस डॉ. सुनील सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम को मोबाइल पर काॅल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक और पुलिस टीम को अस्पताल भेजा। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा कर्मियों को नहीं लग पाई भनक
अस्पताल में सुरक्षा के लिए 12 सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति है। इनमें से तीन शिफ्टों में चार-चार कर्मियों की ड्यूटी लगती है। विवाद के दौरान इमरजेंसी वार्ड के गेट पर दो सुरक्षा कर्मी मौजूद थे। मरीज व तीमारदार स्वास्थ्य कर्मियों को पीटने के बाद निकल गए। वहीं, अस्पताल में पुलिस चौकी भी संचालित है, लेकिन इन्हें भी इमरजेंसी वार्ड में हुए विवाद की भनक नहीं लग पाई।