छिबरामऊ। ग्राम हरबल्लभपुर में चकबंदी किसानों के लिए मंगलवार को लगाई गई चौपाल में एडीएम न्यायिक व उप संचालक चकबंदी ने किसानों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण कराया। इस दौरान उन्होंने शीघ्र ही किसानों के रिकॉर्ड बनाए जाने के चकबंदी कर्मचारियों को निर्देश दिए।
पंचायत घर में शीत भ्रमण के दौरान एडीएम न्यायिक विजय मिश्रा ने गांव के किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों की शंकाओं का समाधान किया। दो-तीन किसानों ने रास्ते तथा नाली की समस्या का उठाया। एडीएम ने बताया कि सन् 1980 में चकबंदी हुई थी जिसमें धारा 24 तक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। अंतिम चरण में कब्जा परिवर्तन होने के बाद सन् 1990 में फूस बंगला कांड में अभिलेख जल गए थे।
छिबरामऊ तहसील के 29 तथा तिर्वा तहसील के छह गांव इसमें शामिल थे। गांव के किसानों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। जले हुए राजस्व रिकॉर्ड को नए स्तर से बनाने के लिए आठ गांव को पायलट योजना के तहत लिया गया था। इन सभी गांव में रिकॉर्ड बनाए जाने की तैयारी चल रही है। कब्जा आधारित 21 कॉलम का अभिलेख तैयार किया जा रहा है। चकबंदी कर्मचारियों को शीघ्र ही अभिलेख बनाकर बांटने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसानों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस दौरान चकबंदी अधिकारी दिनेश शर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी धनीराम वर्मा, सिपाहीलाल, विजय कुमार, अनिल कुमार तथा किसान बृजेंद्र कुमार, ओमकार त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।