कन्नौज/तिर्वा। 163 करोड़ क ी लागत से तिर्वा में बना कैंसर अस्पताल लोकार्पण के तीन साल बाद भी चालू नहीं हो सका है। डॉक्टर और स्टाफ न मिलने से कैंसर अस्पताल की इमारत धूल खा रही है। इससे कैंसर रोगियों को कानपुर, लखनऊ, मुंबई, आगरा और दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ती है।
अस्पताल शुरू करने में एक प्रवक्ता, दो सहायक प्रवक्ता, एक रेजीडेंट डॉक्टर, दो सीनियर रेजिडेंट और तीन जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के अलावा दो रेडियोथेरेपी टेक्नीशियन, चार स्टाफ नर्स और दो लैब टेक्नीशियन की जरूरत है। दिसंबर 2016 से भेजी जा रही डिमांड पर शासन स्तर से ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारी स्टॉफ मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार का कहना है कि कैंसर अस्पताल की इमारत तैयार है। शासन को डॉक्टर व अन्य पदों पर तैनाती का प्रस्ताव कई बार भेजा जा चुका है। अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। अगर डॉक्टर व स्टाफ मिल जाए तो इसे जल्द शुरू करवा दिया जाएगा।