पूर्वी बाईपास स्थित संत निरंकारी भवन में आयोजित
सत्संग में सेवादल संचालिका शशि प्रभाकर ने कहा कि हम सभी समाज के लिए
वरदान बनें, अभिशाप नहीं और खुदगर्जियों से ऊपर उठकर परोपकार के लिए सजग
रहें।
उन्होंने कहा कि संत जन संसार को बचाने, संवारने की प्रेरणा देते
हैं, ताकि हम सभी का लोक पर लोक संवर सके और आत्मा का कल्याण हो सके। यही
लाभ का सौदा है। कहा कि विपरीत भाव से ली हुई प्रेरणाएं कलंकित करती हैं।
हम ऐसे जिये कि दूसरों के लिए भी वरदान साबित हों। हमारे मन में प्रेम,
करुणा, दया और सेवा का भाव हमेशा रहे।
जिन्होंने सत्य को जीवन का आधार बना
लिया है, वही जीवन की ऊंचाइयां प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि संसार
में अज्ञानता का अंधेरा फैला है। ज्ञान का उजाला फैलाकर इस अंधेरे को
मिटाया जा सकता है। जीवन में उजाला हो जाए तो भ्रम और भ्रांतियां मिट
जाएंगी।
कहा कि ज्ञान के उजाले से मन को भी उज्वलता मिलती है। अंधकार
के कारण ही इंसान बंधनों में जकड़ा हुआ है। इन बंधनों से निजात पाई जा सकती
है। सेवादल संचालक सुशील बाबू ने बताया कि निरंकारी भवन में 23 फरवरी को
बाबा हरदेव सिंह महाराज का जन्म दिन धूमधाम से मनाया जाएगा।
इस दिन सत्संग
का आयोजन होगा। आरपी सिंह के संचालन में हुए कार्यक्रम में विनीता, सोनी,
विमला, मालती, पूजा, सृष्टि, निशा, गयाप्रसाद, आनंद कुमार, राजकुमार
गुप्ता, रामरहीस और रामप्रकाश ने भी भजनों एवं प्रवचनों से संगत को निहाल
किया।