छिबरामऊ(कन्नौज)। सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचाकर कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के आरोप में एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने चकबंदी अधिकारी की सेवा समाप्ति के लिए डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पत्र लिखा था।
एसडीएम की शिकायत के अलावा आईजीआरएस की शिकायतों में फर्जी आख्या लगाकर निस्तारण करने के आरोप में डीएम ने बुधवार को चकबंदी अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
एसडीएम ने बताया कि चकबंदी अधिकारी ने अतीक अहमद बनाम सरकार छिबरामऊ देहात के खाता संख्या 1181 में अंकित नवीन गाटा संख्या 627/0.240 हेक्टेयर से बीबी हलीमा निवासी मोहल्ला बिरतिया का नाम निरस्त कर सड़क के खाते में अंकित कर दिया था। बीबी हलीमा बंटवारे के समय भारत छोड़कर पाकिस्तान चली गई थी। जांच में हलीमा बीबी का कोई वारिस नहीं है। इनकी संपूर्ण संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई चल रही है।
इसके अलावा गाटा संख्या 1662/1.00 एकड़ खारिज कर रामचंद्र व मुन्ना निवासी बजरिया के नाम दर्ज कर दिया गया था। उक्त गाटे पर भी तहसील भी निर्मित है तथा क्षेत्राधिकारी छिबरामऊ का भवन व कार्यालय भी प्रस्तावित है।
एसडीएम ने बताया कि चकबंदी अधिकारी ने कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की नियत से सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से आदेश पारित किए थे।
इनकी शिकायतों का किया फर्जी निस्तारण : डीएम द्वारा चकबंदी अधिकारी को जारी नोटिस में कहा गया है कि जनसुनवाई पोर्टल पर की गई गंगधरापुर निवासी उमाकिशोरी चौहान व मुरैया बुजुर्ग निवासी अभिनय मिश्रा की दो शिकायतों के अलावा मुरैया बुजुर्ग के ही अनिल कुमार की शिकायतों का गुणवत्ताहीन तरीके से निस्तारण किया था।
चकबंदी कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक में भी कोई स्पष्ट एवं संतोष जनक उत्तर नहीं दिया गया। सात दिनों में नोटिस का जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।