तिर्वा। गांव में हो रहे विकास कार्यों की धनराशि ऑनलाइन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया के चलते 15 अगस्त से सभी मदों पर रोक लगाई गई है। जब तक ऑनलाइन आईडी नहीं बनेगी, तब तक पेमेंट नहीं हो पाएगा। 90 ग्राम सभाओं में मात्र तीन जगह ऑनलाइन पेमेंट की प्रक्त्रिस्या शुरू हो पाई। ऑनलाइन पेमेंट की प्रक्रिया पूर्ण न होने से गांव में होने वाले विकास कार्यों समेत प्रधान को दिए जाने वाले मानदेय के भी लाले हैं।
उमर्दा विकास खंड में 90 ग्राम पंचायतें आती हैं। इनमें 15 अगस्त से पहले विकास कार्य कराने व प्रधान के मानदेय की धनराशि देने के लिए सचिवों द्वारा चेक पेमेंट कर दिया जाता था। शासन ने चेक पेमेंट पर पूर्णता: रोक लगा दी गई और आदेश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा दी जाने वाली धनराशि का खर्च डोंगल प्रक्रिया से किया जायेगा। रोक लगने से कोई भी बैंक चेक पेमेंट नहीं करेंगे। इससे प्रधानों का मानदेय भी अधर में लटक गया है। कई प्रधानों ने उधार सामान मंगाकर क्षेत्र में विकास कार्य कराए हैं। डोंगल शुरू न होने से उसके पेमेंट भी लटक गए। दो माह बीतने के बाद भी उमर्दा विकास खंड की ग्राम सभाओं की ऑनलाइन पेमेंट प्रक्रिया चालू नहीं हुई। प्रकाश पर्व आते ही ग्रामप्रधान विकास खंड व सचिवों के चक्कर काटने लगे, लेकिन पेमेंट नहीं हो रहा है। इससे लगता है कि इस वर्ष ग्राम प्रधानों की दीवाली फीकी रहेगी। एडीओ पंचायत गंगाराम ने बताया कि 90 ग्राम सभाओं में अभी तक अगौस, सिंगरी, हिसामुद्दीपुर ग्राम पचंायतों में डोंगल प्रक्रिया चालू हो पाई है। शेष 87 पंचायतों में डोंगल प्रक्रिया चालू कराई जा रही है। जल्द ही सभी ग्राम सभाओं में डोंगल प्रक्रिया चालू हो जाएगी और विकास कार्य व प्रधानों के मानदेय उन्हें प्राप्त हो जाएंगे।