संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। मानसून में एक सप्ताह का समय है। फिर भी उसके पहले हुई जोरदार बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया है। गर्मी से राहत दिलाने को बरसी बारिश ने कई जगह आफत भी मचा दिया। इससे जिले भर में 350 गांवों की बिजली सेवा प्रभावित हो गई। मंगलवार की रात से ही शहर के आधे हिस्से की बिजली गायब हो गई। यही हाल ग्रामीण इलाकों का भी रहा। अगले दिन बुधवार को मरम्मत के बाद सप्लाई बहाल की जा सकी। बारिश से कई जगह जलभराव भी हो गया।
हालांकि इस बार मानसून जून के आखिरी दिनों में आने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादल मंडराते रहे। रह-रहकर बारिश होती रही। बारिश से मौसम में बदलाव हुआ तो लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश और हवा से बिजली सप्लाई पूरी तरह से चरमा गई। शहर में ही रात 12 बजे के बाद से बिजली सेवा प्रभावित रही। शहर और आसपास के फीडर में लगातार फॉल्ट होने से सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गई। कई जगह से खंभों के गिरने की जानकारी आई तो कई जगह तार पर पेड़ गिरने से बिजली गायब हो गई। जगह-जगह हुए फॉल्ट से भी बिजली की सप्लाई ठप पड़ गई। अगले दिन मरम्मत के बाद ही सप्लाई बहाल हो सकी। इस दौरान बिजली विभाग की टीम मरम्मत के लिए फॉल्ट ढूंढने में परेेशान रही।
बारिश के बीच धड़ाधड़ ठप होते रहे फीडर
मंगलवार की रात 11 बजे के बाद बारिश शुरू होते ही बिजली सेवा प्रभावित होने लगी। अगले एक घंटे में बारी-बारी से शहर और आसपास के फीडर ठप होते रहे। बहादुरपुर फीडर, बेहरिन फीडर, गुगरापुर फीडर, तिर्वा फीडर, पंथरा फीडर में धड़ाधड़ आई खराबी से इससे जुड़े सभी गांव की बिजली गुल होती चली गई। रात में बारिश के बीच ही फॉल्ट को ढूंढकर उसकी मरम्मत करने में लाइनमैन की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में बुधवार की सुबह होने पर ही मरम्मत करके सप्लाई बहाल की जा सकी।
बारिश के बीच पानी को तरसे लोग, चलाना पड़ा जनरेटर
जोरदार बारिश के बाद खुशनुमा हुए मौसम में परेशानी तब बढ़ गई, जब बिजली ने दगा दे दिया। 10 से 12 घंटे तक बिजली सेवा बाधित होने से दूसरी सेवाएं भी प्रभावित हो गईं। पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई। सुबह पानी नहीं मिलने पर लोग परेशान हो गए। नगर पालिका को भी जनरेटर की मदद से ट्यूबवेल चलाकर पेयजल व्यवस्था बहाल करानी पड़ी। होटलों में भी जनरेटर चलाना पड़ा। तब जाकर लोगों को राहत मिल सकी।
आज भी हो सकती है बारिश, मानसून में एक सप्ताह का इंतजार
अनौगी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. अमरेंद्र यादव ने बताया कि अभी मानसून उत्तर प्रदेश में दाखिल नहीं हुआ है। यह अगले पांच से छह दिन बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश के रास्ते यूपी में दाखिल होगा। मध्य यूपी में आने में उसे उसके आगे तीन से चार दिन लगेंगे। उम्मीद जताई कि जून के आखिरी दिनों में मानसून की बारिश होने लगेगी। अभी जो बारिश हो रही है यह पिछले दिनों गुजरात में आए तूफान का ही असर है। गुरुवार को भी इसी तरह का मौसम रहने की उम्मीद है। शुक्रवार से मौसम फिर सामान्य होगा। एक सप्ताह बाद मानसून की दस्तक की संभावना है।
दो दिन पहले तक 40 डिग्री सेल्सियस तापमान लुढ़ककर 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। सोमवार को तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा था, मंगलवार को यह और कम होकर 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। बुधवार को अधिकतम तापमान का ग्राफ 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।