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कन्नौज: आलू में 250 रुपये भी मिलना मुश्किल

Sun, 19 Feb 2023 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। आलू की पक्की (पिछैती) फसल की खोदाई शुरू हो चुकी है। अभी से ही आलू के रेट गिर गए हैं। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। इन दिनों पिछले साल 400 से 500 रुपये पैकेट (50-55 किलो) था, जो इस बार 200 से 250 रुपये तक ही बाजार में मिल रहा है। इससे मुनाफा नहीं निकल रहा है।
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कन्नौज जिला आलू बेल्ट के नाम से मशहूर है। 50 से 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की खेती होती है। किसान कच्ची व पक्की दोनों तरह की ही फसल करते हैं। इस बार मौसम ने किसानों का साथ दिया है। कोहरा अधिक नहीं पड़ा। बारिश भी अधिक नहीं हुई, जो हुई व बलुई मिट्टी की वजह से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा सकी। इन दिनों आलू की खोदाई चल रही है। फसल का जो उत्पादन मिला है, उससे किसान संतुष्ट हैं। किसानों का मानना है कि पांच से 10 फीसदी तक उत्पादन अधिक है। हालांकि वर्तमान में आलू का जो भाव मिल रहा है, उससे किसान संतुष्ट नहीं हैं।

किसानों की भी सुनें
फोटो:03- रूद्र पाल सैनी। संवाद
सात बीघे रकबा में आलू की फसल की है। 500 रुपये पैकेट आलू का रेट होना चाहिए पर बाजार में 250 रुपये भी नहीं मिल रहा है। फसल को मवेशी भी खा गए हैं। रेट कम होने की वजह से आलू का कोल्ड स्टोर में भंडारण करेंगे।
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रुद्र पाल सैनी, भाटल सरैया निवासी किसान
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फोटो:04- देवीशरण कुशवाहा। संवाद
साढ़े नौ बीघे खेत में आलू की फसल की है। करीब 10 फीसदी उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, इस बार मौसम ने भी फसल का साथ दिया है। हालांकि रेट कम है, जिस वजह से वह आलू बिक्री करने की बजाय कोल्ड स्टोर में रखेंगे।
-देवीशरण कुशवाहा, सरैया निवासी किसान
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जनपद में करीब 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में इस बार आलू की फस्ल हुई है। पिछली साल से अच्छा उत्पादन बताया जा रहा है। करीब 10 दिन बाद होने वाली आलू की खोदाई से उत्पादन की सही हकीकत पता चलेगी।
-सीपी अवस्थी, डीएचओ
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सफेद आलू का भाव 200 से 230 रुपये पैकेट है। लाल आलू 250 से 300 रुपये है। आलू की किस्म के हिसाब से रेट कम ज्यादा होता है। पिछले साल रेट इन दिनों 400 रुपये पैकेट से अधिक था। आलू का निर्यात न होने से किसानों को दाम सही नहीं मिल पाता। पैकेट में बोरा, भाड़ा, मजदूरी आदि का ही खर्च 100 रुपये आता है। एक बीघे में आठ से 10 हजार रुपये की लागत आती है।
श्याम सिंह यादव, आलू आढ़ती

इस तरह आती हैं फसल में लागत
किसान देवीशरण कुशवाहा के मुताबिक एक बीघे आलू की फसल में आठ से 10 हजार रुपये तक की लागत आती है। इसमें आलू बीज, डीएपी, जिंक, पोटाश, यूरिया, दवा, पानी, मजदूरी व फसल रखवाली आदि शामिल है। फसल को बोरे में रखने की लिए बोरा भी खरीदा जाता है। सुतली, कोल्ड स्टोर तक ले जाने में वाहन का भाड़ा भी लगता है। इसके अलावा कोल्ड स्टोर भी सुरक्षित रखने के लिए भाड़ा लेते हैं।
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