कन्नौज। हरदोई में सड़क हादसे में हुई पांच मौत से कन्नौज के दो गांव में भी मातम पसरा है। इस हादसे में जिले के सगे जीजा-साले की मौत हो गई है। हरदोई से दोनों का शव रविवार को पहुंचा तो गांव में कोहराम मच गया। दोनों के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। जीजा के शव का अंतिम संस्कार मेहंदीघाट पर किया गया। साले के शव का अंतिम संस्कार श्रृंगीराम में किया गया। इस हादसे में जख्मी ससुर की हालत भी नाजुक है। उसका इलाज फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में चल रहा है।
दरअसल, एक दिन पहले हरदोई के हरपालपुर से शाहजहांपुर जा रही बरात में बोलेरो रास्ते में हादसे का शिकार हो गई थी। इसमें दूल्हे समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। उसमें दो लोग कन्नौज के थे। उनकी पहचान सदर कोतवाली के जलालपुर-पनवारा निवासी विपनेश कठेरिया और तालग्राम ब्लॉक के पुखरायां निवासी अतुल के रूप में हुई है। विपनेश की शादी अतुल की बहन सविता से चार साल पहले हुई थी। बताया जा रहा है कि हरपालपुर थाना के कुंडा में अतुल के ममेरे भाई की शादी थी। उसी में अतुल के पिता राजेश बेटी सविता, पति विपनेश और सात वर्षीय पुत्र अतुल को साथ लेकर गुरुवार को ही वहां गए थे।
शुक्रवार की रात बरात जाते समय हुए जिस बोलेरो में दूल्हा देवेश बैठा था, उसी में विपनेश और अतुल भी सवार थे। गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराने कार में सवार पांच लोगों की मौत हो गई थी। दूल्हा बना देवेश और यहां से गए विपनेश और अतुल की भी मौत हो गई। अतुल के पिता राजेश कठेरिया गंभीर रूप से जख्मी हो गए। शनिवार की शाम जीजा विपनेश और साले अतुल का शव आया। विपनेश का शव जलालापुर-पनवारा ले जाया गया, जबकि साले अतुल का शव तालग्राम के पुखरायां ले जाया गया।
पत्नी सविता ने पति व दो भाइयों को खोया
हादसे में जान गंवाने वाले विपनेश की पत्नी अधिक दुखी है। इस हादसे ने उसका सुहाग छीन लिया बल्कि सात वर्ष के मासूम से भाई अतुल की भी जान चली गई। दूल्हा बना ममेरा भाई देवेश भी काल के गाल में समा गया। इन तीन मौत ने उसे अंदर तक हिला दिया है। वह गई तो थी पति, पिता और भाई के साथ। बाकायदा भाई की शादी की खुशी में हाथ में मेहंदी भी रचाई थी। उसने रोते हुए बताया कि सब लोग बरात में चले गए थे। वह दूसरी महिलाओं के साथ दूल्हे के घर पर ही रुक गई थी। रास्ते से ही इस हादसे की खबर आई तो उसे कुछ समझ में नहीं आया।
परिवार का मुखिया था विपनेश, एक कमरे का है मकान
हादसे में जान गंवाने वाले विपनेश की मां सरोज कहती हैं कि विपनेश के पिता रामलखन बुजुर्ग हैं। विपनेश ही घर की जिम्मेदारी संभालता था। वही मजदूरी करके सभी की देखभाल करता था। चार साल पहले उसकी शादी हुई थी।कोई बच्चा नहीं है। उससे छोटा भाई वीरेंद्र है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। एक कमरे का ही मकान है। सरकारी आवास नहीं मिला है। परिवार पर दुख का पहाड़ टूटा है। प्रशासन की ओर से किसी ने अब तक सुध नहीं ली है।
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शादी में शामिल होने गया बालक अर्थी पर लौटा
तालग्राम। ममेरे भाई की शादी में शामिल होने पिता के साथ गया बालक अर्थी पर घर वापस लौटा तो परिवार में कोहराम मच गया। सड़क हादसे में उसकी और उसके जीजा की मौत हो गई थी जबकि घायल पिता फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है।
थाना तालग्राम के पुखरायां निवासी राजेश कठेरिया ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस खुशी में वह शामिल होने जा रहे हैं, वह उनके परिवार के लिए गम का पहाड़ बनकर टूटेगी। अपने साले ओमवीर के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए अपने सात वर्षीय पुत्र अतुल और जलालपुर पनवारा निवासी दामाद विपनेश के साथ गुरुवार को ही हरदोई थाना हरपालपुर कुंडा गए थे। हादसे में मासूम पुत्र अतुल और दामाद की मौत हो गई। वह खुद गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनका इलाज फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में चल रहा है। हादसे में जान गंवाने वाला मासूम पुत्र पास के ही सलेमपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। वह अपनी तीन बहनों व दो भाइयों में सबसे छोटा था। मां कमला देवी का रो-रो कर बुरा हाल है।