कन्नौज। मौसम में उतार चढ़ाव के बीच उल्टी-दस्त का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने उपचार के साथ बचाव पर जोर देना शुरू कर दिया है। विभाग डायरिया रोकने के लिए अभियान चलाने जा रहा है। अभियान के तहत एएनएम और आशा घर-घर दस्तक देंगी। एएनएम लोगों को डायरिया के प्रति जागरूक करेंगी और आशा जिंक की 14 गोलियां व दो ओआरएस के पैकेट देंगी।
गर्मी और बारिश के मौसम में बैक्टीरिया व अन्य संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित होने लगते हैं। बच्चों के लिए यह बीमारी जानलेवा है। यदि लोग जागरूक हो जाएं तो इस बीमारी की काफी हद तक रोकथाम की जा सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डायरिया रोको अभियान शुरू किया जा रहा है।
एएनएम घर की महिलाओं को बच्चों को डायरिया से बचाव के तरीके बताएंगी। साथ ही बच्चों को जिंक की कितनी गोली देनी है और ओआरएस का घोल किस तरह से तैयार करना है कि जानकारी देंगी। इसके अलावा डायरिया से बचाव के तरीके भी बताएंगी। यह अभियान 31 जुलाई तक चलेगा।
वर्जन
जिंक टेबलेट और ओआरएस का होगा वितरण
उल्टी, दस्त व पेट संबंधी अन्य बीमारियों की रोकथाम व उपचार के लिए जिला चिकित्सालय, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी व वार्ड में ओआरएस-जिंक काॅर्नर बनाए गए हैं। एएनएम और आशा कार्यकर्ता घरों में जाकर और दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टीम के माध्यम से ओआरएस व जिंक टेबलेट वितरित करेंगे।
-डॉ. स्वदेश गुप्ता, सीएमओ