छिबरामऊ। पूर्वी बाईपास पर पालिका के नाला निर्माण को एनएचएआई ने शनिवार को रुकवा दिया था। रोक के बाद भी रविवार को पालिका ने नाले का निर्माण जारी रखा। चेयरमैन मनोज दुबे ने कहा कि एनएचएआई अधिगृहित भूमि की स्थिति को स्पष्ट करे। पालिका जमीन पर नाले का निर्माण करा रहा है।
नगर पालिका परिषद जलनिकासी के इंतजाम के लिए पूर्वी बाईपास से संत निरंकारी आश्रम तक नेशनल हाइवे के किनारे नाले का निर्माण शुरू कराया था। पेट्रोलिंग अधिकारी बिजेंद्र प्रताप सिंह ने एनएचएआई की जमीन होने का दावा करते हुए निर्माण रुकवा दिया था। रोक के बाद भी निर्माण जारी होने पर पेट्रोलिंग अधिकारी जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और खुदवाए गए नाले को बंद करवाना शुरू कर दिया। इस पर नाला निर्माण करा रहे ठेकेदार ने विरोध दर्ज कराते हुए नाला बंद नहीं होने दिया और निर्माण जारी रखा।
इस संबंध में चेयरमैन मनोज दुबे ने बताया कि एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन यादव से वार्ता हो चुकी है। उनसे अधिग्रहित जमीन की स्थिति स्पष्ट करने के साथ ही जंक्शन निर्माण के लिए तैयार हुए ड्राइंग को दिखाने के लिए कहा गया है। उन्होंने सोमवार को वार्ता के लिए आने का आश्वासन दिया है।
लेखपाल से पैमाइश के बाद चिह्नित की गई थी जमीन
प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन यादव ने बताया कि पूर्वी बाईपास पर जंक्शन निर्माण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। जंक्शन में सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा। रोड चौड़ीकरण में यह नाला बाधक बनेगा। क्षेत्रीय लेखपाल की पैमाइश के जमीन को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है, इसके निशान दुकानों पर लगे हुए हैं। चिन्हित जमीन के हिसाब से ही जंक्शन निर्माण के लिए ले आउट बनवाया गया था, जो पास हो चुका है। बजट के लिए ले आउट एनएचएआई के हेडक्वार्टर भेजा जा चुका है। स्वीकृत मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
अधिग्रहित जमीन का किसे मिला मुआवजा
चेयरमैन मनोज दुबे ने बताया कि पीडब्ल्यूडी कार्यालय पालिका की जमीन में बना हुआ था। अगर अधिग्रहण किया गया था तो इसका मुआवजा पालिका को मिलना चाहिए था। सोमवार को एनएचएआई के अफसरों से वार्ता कर जमीन को लेकर जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि एक करोड़ 11 लाख से 14 सौ मीटर लंबे नाला निर्माण का ठेका हो चुका है। नाला निर्माण से तालग्राम तिराहे, प्रोफेसर कालोनी समेत आसपास की बस्तियों को जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।