कन्नौज। जिले में दो माह से अधिक समय से डेंगू का कहर जारी है। तालग्राम में डेंगू की चपेट में आकर ढाई साल की बच्ची की मौत हो गई। तिर्वा मेडिकल कालेज में हुई एलाइजा की जांच में पांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल में डेंगू की आशंका में 18 मरीजों के खून के नमूने लिए गए हैं। छिबरामऊ के सौ शय्या अस्पताल में आठ दिन में 37 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
तालग्राम के मवैइया गांव निवासी पुष्पेंद्र जयपुर के किशनगढ़ में परिवार के साथ रहकर गजक बनाने का काम करते हैं। यह कुछ दिन पहले शादी समारोह में शामिल होने गांव आए थे। 10 नवंबर को पुत्री परी (ढाई साल) को बुखार आ गया। इलाज के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार में लाभ न होने पर गांव में रह रहे भाई शैलेश, रामकिशन ने कानपुर में इलाज कराने की सलाह दी। रविवार को पुष्पेंद्र बच्ची को लेकर कानपुर जा रहे थे। तभी परी की हालत ज्यादा बिगड़ गई। उसे छिबरामऊ के नर्सिंग होम में उन्होंने भर्ती कराया गया। यहां सोमवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। शव देख मां किरन देवी रो-रोकर बेसुध हैं। पिछले दिनों गांव के जितेंद्र कुमार की पुत्री प्रियंका (14) की मौत भी डेंगू से हो चुकी है।
उधर, अस्पतालों में जांच कराने के लिए वायरल से पीड़ित रोगियों की भीड़ उमड़ रही है। पैथोलॉजी में हो रही जांच में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या आठ पहुंच चुकी है। 135 मरीजों में डेंगू पॉजिटिव निकला है। कई में लक्षण मिले हैं। यह अलग-अलग जगहों पर इलाज करा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि एलाइजा टेस्ट में 91 रोगियों में डेंगू पॉजटिव की पुष्टि हुई है। विभाग का कहना है कि डेंगू से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। मरने वाले लोग दूसरे रोगों से ग्रसित थे। शनिवार को बैठक के दौरान डीएम रवींद्र कुमार की फटकार के बाद डेंगू रोग के खात्मे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह कमर कस ली है। नगर पालिका, नगर पंचायत व सीएचसी, पीएचसी को निर्देशित कर गली-गली दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
सौ शय्या अस्पताल में 37 में मिले डेंगू के लक्षण
छिबरामऊ। शासन-प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी डेंगू रोगियों की संख्या कम नहीं हो रही है। सौ शय्या अस्पताल में भर्ती 37 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। नगला दिलू स्थित सौ शय्या अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती 37 मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इन सभी का एनएस वन टेस्ट कराया गया। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। चिकित्सकों ने डेंगू की आशंका के आधार पर उपचार शुरू कर दिया है। अस्पताल के विभिन्न वार्ड डेंगू रोगियों से भरे पड़े हैं। तीमारदारों का कहना है कि उनके रोगी की प्लेटलेट्स में काफी गिरावट आई है। इससे भर्ती कराया है। अस्पताल में तीमारदारों की भीड़ से अव्यवस्थाएं हावी हैं। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. डीएस मिश्रा ने बताया कि सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। कई की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्रा ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए गांवों व नगर के हर मोहल्ले में लार्वी साइडल का छिड़काव कराया जाएगा।
इन मरीजों में मिले डेंगू के लक्षण
सौ शय्या अस्पताल में भर्ती धमे के ताल निवासी मुनीश, शिवम, नूर आलम, नवी आलम, मुस्कान, शशी, बमरौली निवासी मंदीप मिश्रा, सकरावा के अनिल कुमार, आलीपुर खेड़ा मैनपुरी के भूरे, संजय नगर सौरिख निवासी मिथलेश चतुर्वेदी, अनुपम दुबे, कुम्हौल निवासी संगीता, तुलसीपुर निवासी कुलदीप यादव, बहादुरपुर विशुनगढ़ के विपिन, गलखरिया तालग्राम के अनुराग, प्रेमपुर निवासी मयंक, पल्लवी, धमे के ताल की प्रधान मंजू, कपूरपुर के बबलू, मोहसिन, सराय गोपाल के मोहित, ऊंचा बिरतिया निवासी संध्या, इब्राहीमगंज निवासी मनी गुप्ता, शिवानी, बहबलपुर की रीना, प्रेमा देवी, दिनेश चंद्र, राजापुर सौरिख की सुनीता, आकांक्षा, रंजना, नौशाद, कुलदीप, सौरिख की रुचि, पीपल वाली गली निवासी आकांक्षा, बेहटा रामपुर निवासी रिंकी, अनारकली, सरदापुर सौरिख के अजमल में डेंगू के लक्षण मिले हैं। इनका उपचार किया जा रहा है।