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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाई

Tue, 09 Jun 2015 11:50 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
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गेहूं की फसल चौपट होने और कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव गांव के बाहर अमरूद के पेड़ से झूलता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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क्षेत्र के ग्राम मोहन नगला निवासी जसवंत सिंह यादव (48) पुत्र रामनाथ के पास करीब चार बीघा खेती है। उसके छह बच्चे हैं। दो लड़कियों की शादी हो चुकी है। पिछले दिनों बारिश में उसकी पूरी फसल चौपट हो गई थी। किसान पर काफी कर्ज भी था। इससे वह परेशान रहता था। काफी प्रयास के बाद भी उसे अभी तक मुआवजे की चेक नहीं मिल पाई थी।

इससे आहत किसान ने सोमवार देर रात गांव से करीब पांच सौ मीटर दूर खेत में खड़े अमरूद के पेड़ से लटक कर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने बताया गांव में भागवत और रात के समय रासलीला का आयोजन हो रहा है। जसवंत सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे तक रासलीला देखता रहा। इसके बाद घर पहुंचा और फिर वह अचानक गायब हो गया।
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मृतक की पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि घर आकर उन्होंने कपड़े उतारे। इसके बाद बाहर चले गए। जब काफी देर तक वह नहीं लौटे तो चिंता हुई। पड़ोसी गांव भीकमपुर के लोग जब अपने गांव की ओर रासलीला देखकर जा रहे थे। तभी उनकी नजर अमरूद के पेड़ पर झूल रहे जसवंत के शव पर पड़ी। हादसे की जानकारी होते ही घर में कोहराम मच गया।

गांव के लोगों ने शव को पेड़ से नीचे उतारा। ग्राम प्रधान किताबश्री के पति कैप्टन सतीश यादव ने हादसे की सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। मंगलवार सुबह मंडी समिति चौकी इंचार्ज जगन्नाथ सिंह ने जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

रासलीला में जमकर नाचा जसवंत
गांव के वीपेंद्र ने बताया रात में जसवंत भी रासलीला देख रहा था। भगवान श्रीकृष्ण के विवाह के प्रसंग का मंचन देख वह इतना उत्साहित हो गया कि जमकर नृत्य किया। रासलीला समाप्त होने से पहले ही वह करीब साढ़े 11 बजे वहां से उठकर अपने घर चला आया। देर रात रासलीला खत्म होने के बाद उसकी मौत की खबर मिली।

केसीसी का बकाया था 40 हजार
मोहन नगला गांव की प्रधान किताबश्री के पति कैप्टन सतीश यादव ने बताया कि जसवंत सिंह जाबकार्ड धारक था। वह मनरेगा में काम करता था। उसके पास कुल चार बीघा खेती थी। उसके ऊपर किसान क्रेडिट कार्ड का 40 हजार रुपये बकाया था। लेकिन गत वर्ष सरकार की ओर से ऋण माफ कर दिए जाने के बाद उसका दोबारा कार्ड नहीं बन सका था। उसने अन्य लोगों से भी रुपया उधार ले रखा था।

गांव में नहीं वितरित हुई चेक
ग्राम पंचायत लड़ैता के तहत मोहननगला, गोपालनगर और लड़ैता ग्राम शामिल हैं। शासन-प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद अभी तक इस ग्राम पंचायत में मुआवजे के चेक नहीं बांटे गए हैं। प्रधान पति कैप्टन सतीश यादव ने बताया लेखपाल ओमप्रकाश ने सर्वे कार्य को पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी किसान को मुआवजा की चेक नहीं मिली है। इस संबंध में किसान कई बार एसडीएम से शिकायत भी कर चुके हैं।
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