गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय प्रयाग में वर्ष 2008 में प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या करने वाली महिला एवं उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई गई है। एडीजे प्रथम चंद्रभूषण सिंह ने दोनों को फांसी के साथ ही 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इस मामले को लेकर पूरे दिन कोर्ट परिसर में गहमा गहमी का माहौल रहा। सजा सुनते की आरोपियों के परिजन बिलखने लगे।
गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव सराय प्रयाग निवासी प्रमोद गुप्ता ने 15 जुलाई 2008 को अपने भाई विनोद कुमार की हत्या का मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद पाया कि मृतक का मौसेरा भाई जालौन के कुठौंद गांव निवासी राजकुमार गुप्ता उर्फ गौतम और मृतक की पत्नी प्रमिला के बीच प्रेम संबंध थे।
इसी बात का विनोद विरोध करता था। 14 जुलाई की रात घर में सो रहे विनोद को प्रमिला व राजकुमार ने मिलकर धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने 19 जुलाई 2008 को आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इस मामले में मृतक के बच्चों की गवाही अहम रहीं। दोनों पक्षों ने मां के खिलाफ गवाही दी।
शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम ने बताया कि दोनों पक्षों के कानूनी तर्क सुनने के बाद अदालत ने आरोपी प्रमिला और राजकुमार गुप्ता को हत्या के लिए दोषी पाया। इसी के तहत दोनों को फांसी की सजा सुनाई। साथ ही दोनों को 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी चुकाना पड़ेगा।