छिबरामऊ। घर से भंडारे खाने के लिए चार लोग आढ़ती को ले गए। इसके बाद आढ़ती की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने आढ़ती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर, पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
क्षेत्र के ग्राम रामपुर निगोह निवासी मुकेश गुप्ता (32) की निगम मंडी में आढ़त की दुकान है। भाई अभिषेक ने बताया कि गुरुवार की शाम को चार युवक घर पर आए और भाई को नौगाईं गांव में भंडारा खिलाने की बात कहकर ले गए। दो घंटे बाद पत्नी देवकी ने मोबाइल पर कॉल कर आने के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह नौगाईं में भंडारा खा रहा है। कुछ देर बाद घर आएगा। रात आठ बजे चाचा सुभाष चंद्र गुप्ता के साले ने घर जाकर सूचना दी कि मुकेश ट्यूवबेल के पास पड़ा उल्टियां कर रहा है। आननफानन परिजन मौके पर पहुंचे और उसे 100 शैया अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया। वहां पहुंचकर उसने दम तोड़ दिया। परिजन उसके शव को गांव ले आए। परिजनों ने मुकेश की हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पाकर प्रेमपुर चौकी इंचार्ज आरके सिंह मौके पर पहुंच गए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में कोतवाल संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
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पिता का शव देख बेसुध हुए बेटे
आढ़ती मुकेश के पांच साल की बेटी नेहा व एक सात साल का बेटा अनमोल है। जैसे ही पिता का शव घर आया, दोनों बच्चे बेसुध हो गए। दोनों ही गुमसुम खड़े पिता के शव को निहार रहे थे तो कभी आने-जाने वालों को टकटकी लगाकर दे रहे थे।