जसोदा। पत्नी के मायके जाने और वहां से न लौटने पर तनाव में आए किसान ने साड़ी से फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव कमरे में लटकता रहा पर किसी को जानकारी नहीं हुई। उसे जब खाना खाने के लिए आवाज दी गई। तब जवाब न मिलने पर कमरे में जाकर देखने पर शव लटकता मिला। इसके बाद चीखपुकार मच गई। गुरसहायगंज कोतवाली के जसोदा गांव में यह घटना शुक्रवार को दोपहर दो बजे पता चली।
बताया जा रहा है कि किसान विजय प्रताप सिंह (61) की पत्नी कांति दो बच्चों हर्षित (10) व उज्ज्वल (08) के साथ कानपुर के थाना घाटमपुर के गांव रामसारी स्थित मायके में रह रही है। बताया जा रहा है कि वह बच्चों को लेकर होली के पहले गई थी। तब से वापस नहीं आई। इससे विजय प्रताप तनाव में रहने लगा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को दोपहर दो बजे विजय प्रताप ने कमरे में पड़ी धन्नी से साड़ी का फंदा गले में डाल कर झूल गया। इससे मौके पर मौत हो गई। पिता ने पुलिस को सूचना दी। जसोदा चौकी प्रभारी आशीष कुमार ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मौके पर फॉरेन्सिक टीम ने भी जरूरी साक्ष्य जुटाए ।
पत्नी वियोग में पहले भी कर चुका था जान देने की कोशिश
बताया जा रहा है कि पत्नी के चले जाने के गम में कुछ दिन पहले भी उसने डाई पी कर आत्महत्या का प्रयास किया था पर पिता को जानकारी होने पर उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। वहां उसका इलाज किया गया था। पत्नी को जानकारी दी गई, फिर भी वह मायके से नहीं आई।