मुख्य मार्ग पर वानर सेना और रावण की राक्षस सेना के बीच होता युद्ध। संवाद
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छिबरामऊ(कन्नौज)। दशहरा पर्व पर नगर के रामलीला मैदान में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और रावण के बीच घमासान युद्ध हुआ। अंत में सत्य रूपी राम ने असत्य रूपी रावण को धराशायी कर दिया। आतिशबाजी के धमाकों के साथ रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा। रामलीला मैदान जय श्रीराम से जयकारों से गूंज उठा।
तालग्राम तिराहा स्थित एक टेंट हाउस परिसर में चार बजे राम और रावण के बीच युद्ध की शुरुआत हुई। युद्ध रामलीला मैदान पर पहुंचने तक जारी रहा। कभी राम की सेना हावी होती तो कभी रावण की सेना राम की वानर सेना को काफी पीछे तक खदेड़ देती। मुख्य मार्ग पर राम और रावण के बीच युद्ध को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम रामलीला मैदान पहुंचने पर भी राम और रावण के बीच युद्ध हुआ। रावण के धराशायी होते ही आतिशबाजी के साथ पुतला धू-धू कर जलने लगा। भीड़ ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष देवकीनंदन मिश्रा, महामंत्री विजय चौहान, संरक्षक मनोज दुबे, टीटू अग्निहोत्री, सनी अग्निहोत्री, प्रेममुरारी दुबे, कल्लू दीक्षित, बब्बा यादव, प्रशांत तिवारी चंदन आदि ने मर्यादा पुरुषोत्तम की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया।