कन्नौज। लोकसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई कर पाबंद कर रही है, लेकिन कार्रवाई पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। पुलिस को दोनों पैरों से दिव्यांग और बीएलओ की ड्यूटी कर रही शिक्षामित्र के साथ ही 75 वर्षीय बुजुर्ग से भी शांतिभंग का खतरा है, तभी तो पुलिस ने इन्हें भी पाबंद कर दिया है।
शांति व्यवस्था को भंग करने की आशंका के लिए आपराधिक प्रवृत्ति और अराजकतत्वों को नोटिस भेज रही है। रोजाना हर थाने पर पुलिस शांतिभंग की कार्रवाई कर रही है। पाबंद करने से पहले पुलिस लोगों की तफ्तीश भी नहीं कर रही है। एक-दूसरे से नाम की जानकारी कर पाबंद करने की जो कार्रवाई चल रही है। इसी का नतीजा है, कि गुरसहायगंज पुलिस ने जलालाबाद के विकास तिवारी जो दोनों पैरों से दिव्यांग है, उन पर भी शांतिभंग की कार्रवाई की है। तालग्राम पुलिस ने किस्तियापुर बूथ के बीएलओ शिक्षामित्र तेजराम को भी पाबंद किया है। बीएलओ ने एसडीएम से मामले की शिकायत की है। इनके अलावा अमोलर निवासी 75 वर्षीय रामसरन, जलालाबाद की महिलाओं और युवतियों पर भी पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है।